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Hindi News खेल अन्य खेल कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: मैरीकाम फाइनल और तीन पुरूष मुक्केबाज सेमीफाइनल में

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018: मैरीकाम फाइनल और तीन पुरूष मुक्केबाज सेमीफाइनल में

भारत की एम सी मैरीकोम ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिला मुक्केबाजी में भारत को पहला स्वर्ण दिलाने की ओर मजबूत कदम बढाते हुए महिलाओं के 48 किलो वर्ग में फाइनल में प्रवेश किया जबकि विकास कृष्णन (75 किलो) ने दो अन्य के साथ पुरूष वर्ग के अंतिम चार में जगह बनायी। 

<p>मैरी कॉम</p>- India TV Hindi मैरी कॉम

गोल्ड कोस्ट: भारत की एम सी मैरीकोम ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिला मुक्केबाजी में भारत को पहला स्वर्ण दिलाने की ओर मजबूत कदम बढाते हुए महिलाओं के 48 किलो वर्ग में फाइनल में प्रवेश किया जबकि विकास कृष्णन (75 किलो) ने दो अन्य के साथ पुरूष वर्ग के अंतिम चार में जगह बनायी। पांच बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरीकोम के यह पहले राष्ट्रमंडल खेल हैं। उन्होंने श्रीलंका की अनुषा दिलरूकशी को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। 

पुरूष वर्ग में पदार्पण कर रहे गौरव सोलंकी (52 किग्रा) और मनीष कौशिक (60 किग्रा) और विश्व कांस्य पदकधारी विकास ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किये। इससे कुल आठ पुरूष मुक्केबाज पदक दौर में पहुंच गये और 2010 राष्ट्रमंडल की तुलना में यह संख्या में एक ज्यादा ही है। 

पैंतीस बरस की मैरीकोम ने 39 साल की अनुषा को हराया। मैरीकोम की प्रतिद्वंद्वी अच्छे कद का भी फायदा उठाने में नाकाम रही। आखिरी तीन मिनट में उसने रफ्तार पकड़ी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जीत के बाद मैरीकोम ने कहा,‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी अच्छी थी और वह मेरी गलती का इंतजार कर रही थी लिहाजा मुझे काफी संभलकर खेलना पड़ा।’’ 

अब मेरीकोम का सामना उत्तरी आयरलैंड की क्रिस्टीना ओ हारा से होगा जिसने न्यूजीलैंड की तस्मीन बेनी को हराया। हालांकि भारत की एक अन्य अनुभवी एल सरिता देवी 60 किलो वर्ग में आस्ट्रेलिया की अंजा स्ट्राइड्समैन से हार गई। पूर्व विश्व और एशियाई चैम्पियन मेजबान मुक्केबाज का सामना नहीं कर सकी। 
मणिपुर की इस मुक्केबाज ने कहा,‘‘वह बहुत अच्छा खेल रही थी। मैं उसकी ताकत का सामना नहीं कर सकी और अपनी धरती पर खेलने का अतिरिक्त फायदा मिलता है। ’’ 

पुरूष वर्ग में सेना के सोलंकी ने पापुआ न्यू गिनी के चार्ल्स कीमा को 5-0 से हराया। उसने कहा ,‘‘यह जोखिम भरा मुकाबला था। मेरे रिफ्लैक्सेस बहुत तेज थे और इसी वजह से मैं जीत सका।’’ 

एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता विकास ने जाम्बिया के बेनी मुजियो को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। विकास ने हाल ही में बुल्गारिया में स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था। 

शाम के सत्र में मनीष ने इंलैंड के यूरोपीय चैम्पियनशिप कांस्य पदकधारी कैलम फ्रेंच को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और पदक पक्का किया। अब कल आराम के दिन के बाद वह शनिवार को उत्तरी कायरलैंड के जेम्स मैकगवर्न से भिड़ेंगे। 

हालांकि पिछली बार की कांस्य पदकधारी पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा) इस बार पदक के बिना ही रहेंगी क्योंकि उन्हें क्वार्टरफाइनल बाउट में इंग्लैंड की लिजा वाइटसाइड से हार मिली।