देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल और सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का 4जी नेटवर्क लगाने वाली कंपनी तेजस नेटवर्क के बीच टेंशन बढ़ गई है। तेजस नेटवर्क ने एयरटेल द्वारा राजस्थान टेलीकॉम सर्किल में नेटवर्क कंजेशन को लेकर लगाए आरोप को खारीज कर दिया है। साथ ही, इसके लिए एयरटेल को ही जिम्मेदार ठहराया है। नेटवर्क कंजेशन की वजह से टेलीकॉम सर्किल के करोड़ों एयरटेल यूजर्स को परेशानी का समस्या करना पड़ रहा है।
क्या है मामला?
दरअसल, एयरटेल ने टाटा ग्रुप की कंपनी तेजस नेटवर्क पर आरोप लगाया था कि राजस्थान टेलीकॉम सर्किल में उनके द्वारा डिप्लॉय किए जा रहे बीएसएनएल 4जी टावर में सब-स्टैंडर्ड इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से एयरटेल के 900 MHz वाले नेटवर्क की सर्विस बाधित होती है। एयरेटल ने इसे लेकर पिछले दिनों 14 नवंबर को तेजस नेटवर्क को एक पत्र लिखा था, जिसमें पिछले दिसंबर से उसकी सर्विस क्वालिटी में दिक्कत की वजह बताई गई।
एयरटेल ने अपने पत्र में तेजस नेटवर्क को कहा था कि इसके लिए बार-बार ज्वाइंट टेस्ट, डायरेक्टिव्स, तकनीकी सबमिशन, बातचीत हुई, लेकिन अभी तक कुछ भी सुधार नहीं हुआ है। एयरटेल के मुताबिक, BSNL 4G सर्विस के लिए तेजस नेटवर्क द्वारा यूज किए गए रेडियो इक्विपमेंट्स और फिल्टर के डिजाइन में खामी है। तेजस नेटवर्क का फिल्टर 800 MHz बैंड को फिल्टर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो 864 से लेकर 894 MHz तक के बैंड को फिल्टर कर सकता है। प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा 900 MHz बैंड इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से ये दिक्कत आ रही है।
तेजस ने एयरटेल को बताया जिम्मेदार
तेजस नेटवर्क ने एयरटेल के पत्र का जबाब देते हुए कहा कि BSNL का Airtel में हस्तक्षेप तेजस के रेडियो के आउट-ऑफ-बैंड इमिशन को पूरा न करने की वजह से नहीं, बल्कि मुख्य रूप से एयरटेल के कारण ही उत्पन्न हुआ है। एयरटेल के साइट्स बीएसएनएल की साइट्स के काफी करीब में डिप्लॉय किए गए हैं, जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है।
तेजस नेटवर्क ने अपने पत्र में एयरटेल को जबाब देते हुए कहा है कि कंपनी के सभी रेडियो पूरी कम्प्लायेंस के साथ डिप्लॉय किए गए हैं, जो उत्सर्जन के नॉर्म्स को अच्छी मार्जिन के साथ पूरा करते हैं। इसके लिए एयरटेल को बीएसएनल के साथ मिलकर एंटिना फिल्टर्स लगाने के लिए काम करना होगा। पूरे राजस्थान में ऐसे कुल 1,000 साइट्स हैं, जहां ये समस्या है। BSNL ने हाल ही में पूरे देश में करीब 1 लाख 4G साइट्स लाइव किए हैं। इनमें से 18,500 साइट्स ऐसे हैं, जिन्हें जल्द 5G में अपग्रेड किया जाएगा।
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