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Hindi News टेक न्यूज़ लॉन्च के समय लोगों ने समझा April Fool का प्रैंक, 21 साल बाद है दुनिया का सबसे बड़ा ई-मेल प्लेटफॉर्म

लॉन्च के समय लोगों ने समझा April Fool का प्रैंक, 21 साल बाद है दुनिया का सबसे बड़ा ई-मेल प्लेटफॉर्म

Gmail आज यानी 1 अप्रैल को 21 साल का हो गया है। दुनिया के करोड़ों यूजर्स इस ई-मेल सर्विस का इस्तेमाल करते हैं। गूगल की ई-मेल सर्विस के लॉन्च के समय लोगों यह April Fool का प्रैंक लगा था।

Gmail- India TV Hindi Image Source : FILE जीमेल

Gmail का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्यां करोड़ों में है। जीमेल इस समय दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ई-मेल प्लेटफॉर्म है। जीमेल को आज के दिन यानी 1 अप्रैल 2004 को लॉन्च किया गया था। लॉन्च के समय लोगों ने इसे April Fool का प्रैंक समझा था। हालांकि, 21 साल के बाद Gmail को दुनिया के करोड़ों यूजर्स इस्तेमाल कर रहे हैं। Gmail के लॉन्च के समय लोगों के बीच Yahoo Mail, Rediffmail, Hotmail जैसे ई-मेल प्लेटफॉर्म लोकप्रिय थे, जिनके यूजर्स लाखों में थे। आइए, जानते हैं ऐसा क्या हुआ कि Gmail आज दुनियाभर में इतना लोकप्रिय हो गया है।

लोगों ने समझा April Fool प्रैंक

2004 में जब Gmail को लॉन्च किया गया था, उस समय कुछ लोगों ने अमेरिकी न्यूज एजेंसी AP को इसे लेकर संपर्क किया था। लोगों को लगा था कि गूगल ने अप्रैल फूल डे के मौके पर इसकी घोषणा करके मजाक किया है। उन्हें लगा कि ऐसा कोई प्रोडक्ट नहीं है यह सिर्फ मजे लेने के लिए बनाया गया है। AP से बात करते समय अमेरिकी इंजीनियर Paul Buchheit ने इस घटना का जिक्र किया।

पॉल ने बताया कि गूगल ने अपने इस प्रोडक्ट को चुपके से डेवलप किया था, जिसके लिए एक सीक्रेट नाम रखा गया था। उस समय गूगल के पास महज 23 कर्मचारी थे। अब कंपनी के पास पूरी दुनिया में 1.8 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। लॉन्च के समय ही Gmail ने काफी लोकप्रियता हासिल कर ली थी क्योंकि इसे केवल सीमित लोगों के लिए ही लाया गया था। इसकी मुख्य वजह गूगल के पास इतनी कम्प्यूटिंग क्षमता नहीं थी कि ज्यादा यूजर्स को हैंडल किया जा सके।

Image Source : FILEजीमेल

इस वजह से हुआ लोकप्रिय

लॉन्च के समय Gmail में यूजर्स 1GB की स्टोरेज में 13,500 ईमेल को स्टोर कर सकते थे, जो माइक्रोसॉफ्ट और याहू के 30 से 60 ई-मेल स्टोर करने की क्षमता से काफी ज्यादा थी।  इसके अलावा गूगल ने Gmail में अपनी सर्च टेक्नोलॉजी को भी इंटिग्रेट किया था, जिसकी वजह से यूजर्स किसी स्पेसिफिक ई-मेल, फोटो या अन्य डेटा को आसानी से स्टोर किए गए डेटा से सर्च कर सकते थे। यही नहीं, उस समय जीमेल में ही केवल एक साथ कई लोगों को ई-मेल भेजे जाने वाला फीचर मौजूद था। यूजर्स एक ही ई-मेल को एक सब्जेक्ट के साथ कई लोगों को एक साथ भेज सकते थे। 

इन वजहों से Gmail ने अन्य ई-मेल सर्विस को पीछे छोड़ते हुए लोगों के बीच अपनी पकड़ बना ली। Android के लॉन्च होने के बाद गूगल ने जीमेल को स्मार्टफोन के डिफॉल्ड ई-मेल ऐप के तौर पर देना शुरू कर दिया। इसके बाद Gmail लोगों के PC से सीधे स्मार्टफोन में पहुंच गया, जिसने इसकी लोकप्रियता को और भी आगे ले जाने का काम किया।

250 डॉलर में बिका एक Gmail अकाउंट

Paul Buchheit ने बताया Gmail के लॉन्च के समय गूगल के पास केवल 300 मशीन थे, जो कि काफी पुराने थे। कंपनी के पास केवल 10 हजार यूजर्स की क्षमता थी। इसकी लोकप्रियता की वजह से बड़ी संख्यां में लोग Gmail अकाउंट बनाने के लिए रिक्वेस्ट करने लगे। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि अमेरिकी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म eBay पर एक जीमेल अकाउंट उस समय 250 डॉलर में बिकने लगा था।

बाद में गूगल ने अपने डेटा सेंटर की संख्यां बढ़ाई, जिसके बाद बड़ी संख्यां में लोग नया Gmail अकाउंट ओपन कर पाए। 2007 में कंपनी ने इस ई-मेल सर्विस को ग्लोबली पहुंचाने का काम किया। इस साल भी 1 अप्रैल को गूगल ने Gmail पेपर नाम की सर्विस लॉन्च की। लोगों कहा गया कि वो इस सर्विस के जरिए अपने ई-मेल को पेपर पर प्रिंट कर पाएंगे। हालांकि, इस बार गूगल ने वाकई में लोगों को अप्रैल फूल बनाया था। ऐसी कोई सर्विस कभी लॉन्च नहीं हुई।

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