गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन का बड़ा दांव, टेक कंपनियां आखिर क्यों कर रही भारत में अरबों का निवेश?
बड़ी टेक कंपनियों गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन ने पिछले दो महीने में भारत में अरबों के निवेश की घोषणा की है। आखिर ये कंपनियां भारत में एआई पर क्यों इतना बड़ा दांव लगा रही हैं?

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन ने भारत में पिछले दिनों बड़ा निवेश किया है। ये टेक कंपनियां भारत में नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी, एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव लगा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने मंगलवार 9 दिसंबर को बताया कि वो भारत में 17.5 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहे हैं। यह निवेश एआई फर्स्ट भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाएगा। पिछले दो महीने में भारत में होने वाला यह तीसरा बड़ा निवेश था।
दो महीने में अरबों का निवेश
वहीं, ई-कॉमर्स और क्लाउड सर्विस प्रदान करने वाली कंपनी अमेजन ने भी भारत में अगले 5 साल में 35 बिलियन डॉलर यानी लगभग 3.14 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा कर चुकी है। कंपनी का यह निवेश अपने बिजनेस, क्विक कॉमर्स से लेकर क्लाउड कम्प्यूटिंग और एआई को बढ़ाने के लिए होगी। भारत इस समय दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
इसके अलावा गूगल ने भी भारत में एआई डेटा सेंटर बनाने के लिए 15 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.58 लाख करोड़ का निवेश अगले पांच साल में करने की घोषणा की है। अमेजन ने कंफर्म किया है कि यह निवेश 2030 तक किया जाएगा। खास तौर पर एआई और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर में इस बड़े निवेश की वजह से भारत में 1 मिलियन यानी 10 लाख नए जॉब क्रिएट हो सकते हैं।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन अब तक कुल मिलाकर 50 बिलियन डॉलर यानी लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा कर चुके हैं। ये बड़ी टेक कंपनियों द्वारा भारत में अरबों डॉलर निवेश करने की मुख्य वजह क्या है? आइए जानते हैं...
तेजी से बढ़ता बाजार
भारत एआई के क्षेत्र में दुनिया का तेजी से बढ़ता बाजार है। 2027 तक भारत में एआई सेक्टर का मार्केट 17 बिलियन डॉलर करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये तक रहने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की नीति
भारत में एआई के विकास को लेकर केंद्र सरकार की मौजूदा नीति टेक कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। खास तौर पर IndiaAI मिशन की वजह से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जा रही है।
बढ़ता स्टार्टअप कल्चर
भारत स्टार्टअप्स के लिए भी तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। इस समय भारत में एआई डेवलपमेंट्स के लिए 2 हजार से ज्यादा डेडिकेटेड स्टार्टअप्स हैं।
स्किल्ड टैलेंट की भरमार
इसके अलावा भारत में एआई को समझने और समझाने वाले स्किल्ड वर्कफोर्स की भरमार है। एआई के सेक्टर में अमेरिका के बाद भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एआई टैलेंट है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी एआई को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे कि यूपीआई, आधार और इंटिग्रेटेड एआई सर्विस लोगों की दिनचर्या को आसान बना रहे हैं।
एआई सॉल्यूशन की डिमांड
यही नहीं, भारत में एआई सॉल्यूशन की भी बड़ी डिमांड है। खास तौर पर बैंकिंग, हेल्थकेयर और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर में नई टेक्नोलॉजी इफिशियंसी और एक्सेसिबिलिटी को बढ़ाने का काम करेगी।
यह भी पढ़ें -
Google का ये मैसेज आया तो हो जाएं अलर्ट, स्कैमर्स की नजर आपके Gmail पर है-तुरंत बचने के तरीके जानें