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Hindi News टेक न्यूज़ Google फोटोज़ का ये मजेदार AI फीचर कर रहा पुरानी यादें ताजा, क्या आपने किया इसे यूज

Google फोटोज़ का ये मजेदार AI फीचर कर रहा पुरानी यादें ताजा, क्या आपने किया इसे यूज

गूगल के एक ब्लॉग पोस्ट में बताया गया है कि यूजर्स को अपनी यादगार यात्राओं, ईवेंट से लेकर रोजमर्रा अनुभवों को आसानी से फिर से देखने का मौका ये नया फीचर प्रदान करेगा।

Google Photos- India TV Hindi Image Source : FILE Google Photos

Google ने अपनी फोटो-शेयरिंग और स्टोरेज सर्विस Google Photos पर AI-से कंट्रोल होने वाला 'मेमोरीज़' व्यू पेश किया है। यह फीचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यूजर्स को उनके कुछ यादगार लम्हों को फिर से जीने, उन्हें कस्टमाइज करने और शेयर करने में मदद करता है। गूगल फोटोज का यह फीचर "स्क्रैपबुक" के नाम से आया है। कई यूजर्स ने इसे लेकर काफी शानदार रिस्पॉन्स दिया है। 

भारतीय यूजर्स के लिए कब आ रहा है ये फीचर  

गूगल के एक ब्लॉग पोस्ट में बताया गया है कि यूजर्स को अपनी यादगार यात्राओं, ईवेंट से लेकर रोजमर्रा अनुभवों को आसानी से फिर से देखने का मौका ये नया फीचर प्रदान करेगा। इन मैमोरीज़ को यूजर्स अपने दोस्तों और परिवार के लोगों को आसानी से शेयर भी कर पाएंगे। यह फीचर फिलहाल अमेरिका में शुरू किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले महीने तक यह भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में भी रोल आउट कर दिया जाएगा। 

कैसे काम करेगा ये नया फीचर 

इस नए फीचर की मदद से यूजर्स के पास अपनी सभी यादों को संजोने का मौका मिलेगा। इसमें 'हेल्प मी टाइटल' बटन के माध्यम से एआई द्वारा उत्पन्न कस्टम टॉपिक सजेशन भी यूजर्स को मिलेंगे। यदि आवश्यक हो तो यूजर्स इन सुझावों को एडिट भी कर सकते हैं। इसके साथ ही यूजर गूगल से फिर से नए विकल्प प्रदान करने के लिए भी कह सकता है। यूजर्स इन मैमोरी में कई मनचाहे बदलाव भी कर सकते हैं। 

गूगल लैब्स का हिस्सा है मैमोरी

'मैमोरी' फीचर Google लैब्स की एक प्रयोगात्मक फीचर है और शुरुआत में चयनित अमेरिकी अकाउंट तक पहुंच योग्य होगी। Google ने साझा अनुभव को बढ़ावा देने, यूजर्स को एक साथ मैमोरी बनाने में सहयोग करने की अनुमति देने की योजना की भी घोषणा की। इसके अलावा, Google ने मैमोरी को वीडियो के रूप में साझा करने की क्षमता पेश करने के अपने इरादे का खुलासा किया है। यह बदलाव कंपनी के अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर एंगेजमेंट और इंटरैक्शन को बढ़ाने के चल रहे प्रयासों के अनुरूप है।