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Grok पर बड़ी कार्रवाई, इन देशों में बैन हुआ एलन मस्क का एआई प्लेटफॉर्म

Grok AI की दुनियाभर में चौतरफा आलोचना हो रही है। एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म पर दो देशों ने बैन लगा दिया है। पिछले दिनों भारत में भी ग्रोक को आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर तलब किया था।

Grok AI banned, Elon Musk- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH ग्रोक एआई पर लगा बैन

Grok पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में एआई के जरिए क्रिएट किए गए अश्लील कंटेंट पर कार्रवाई की गई, जिसके बाद एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म ने 3,500 कंटेंट को ब्लॉक कर दिया। साथ ही, ग्रोक ने अपनी गलती मानते हुए भारत के कानून के हिसाब से काम करने की बात कही है। वहीं, दो और देशों में ग्रोक पर बैन लग गया है। एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म पर डीपफेक कंटेंट प्रसारित करने का आरोप है, जिसके बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है।

इन दो देशों में लगा बैन

एलन मस्क के एआई चैटबॉट को इंडोनेशिया और मलेशिया में बैन कर दिया गया है। xAI के एजेंटिक चैटबॉट पर यह बैन टेम्पोररी लगाया गया है। ग्रोक की दुनियाभर में बदनामी हो रही है। एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म पर भारत, यूरोप, इंडोनेशिया और मलेशिया में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर कार्रवाई की गई है। इन देशों ने ग्रोक को एआई के जरिए क्रिएट किए गए आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट के प्रसारण की वजह से तलब किया था।

मलेशिया कम्युनिकेशन और मल्टीमीडिया कमीशन के आधिकारिक X हैंडल से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्रोक को तत्काल प्रभाव से मलेशिया में ब्लॉक कर दिया गया है। वहीं, इंडोनेशिया के कम्युनिकेशन और डिजिटल मिनिस्टर Meutya Hafid ने ग्रोक की सर्विस को बैन करने को लेकर आधिकारिक स्टेटमेंट जारी की है। मलेशिया सरकार की एजेंसी MCMC ने कहा कि ग्रोक के जरिए पोर्नोग्राफिक और अश्लील कंटेंट जेनरेट किए जाने की घटनाएं सामने आ रही थी। एआई प्लेटफॉर्म ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

डीपफेक पर नहीं लग रहा रोक

ग्रोक एआई के जरिए जारी किए जाने वाले आपत्तिजनक कंटेंट में महिलाओं और बच्चों की तस्वीरें भी शामिल हैं, जो कानून का उल्लंघन है। इसे लेकर X और xAI दोनों एंटिटी को 3 जनवरी और 8 जनवरी को नोटिस भेजा गया है और प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा गया है। MCMC ने आगे कहा कि X पर केवल यूजर-इनिशिएटिव रिपोर्टिंग मैकेनिज्म पर फोकस किया जाता है। यहां एआई टूल्स के जरिए होने वाले डायरेक्ट रिस्क के बारे में कोई मैकेनिज्म नहीं है, जिसकी वजह से एआई के जरिए रियल दिखने वाले डीपफेक क्रिएट किए जाते हैं। इसे लेकर प्लेटफॉर्म पर टेम्पोररी बैन लगाया गया है।

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