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चैटजीपीटी के अंदर विज्ञापनों की लाइव टेस्टिंग शुरू, किन यूजर्स को दिखेंगे एडवर्टाइजमेंट-जानें

अपने जरूरी कामों के लिए चैटजीपीटी की मदद लेते हैं तो अब इसमें विज्ञापन दिख सकते हैं क्योंकि ओपनएआई ने चैटजीपीटी में एड की लाइव टेस्टिंग शुरू कर दी है।

ChatGPT- India TV Hindi
Image Source : CHATGPT चैटजीपीटी

Ads in ChatGPT: ओपनएआई ने आज कन्फर्म कर दिया है कि वह चैटजीपीटी में विज्ञापनों का अपना पहला लाइव टेस्टिंग शुरू कर रहा है जिसके तहत चुनिंदा यूजर्स को ऐप के अंदर ही स्पॉन्सर्ड मैसेज दिखाए जाएंगे। विज्ञापन चैट इंटरफेस के नीचे एक साफ तौर से लेबल किए गए सेक्शन में दिखाई देंगे। ये रिस्पॉन्स के अंदर नहीं दिखेंगे जिससे वे चैटजीपीटी के जवाबों से अलग दिखेंगे। ओपनएआई चैटजीपीटी के अंदर साफतौर से लेबल किए गए विज्ञापनों की टेस्टिंग कर रहा है जो संवादात्मक एआई से कमाई करने की दिशा में उसका पहला कदम है।

किन यूजर्स को दिखेंगे चैटजीपीटी में विज्ञापन

ओपनएआई मुफ्त टियर और अपने कम लागत वाले गो सब्सक्रिप्शन पर लॉग-इन किए हुए यूजर्स को विज्ञापन दिखाएगा। कंपनी ने कहा कि एडवर्टाइजर्स यूजर्स की बातचीत नहीं देख पाएंगे और न ही चैटजीपीटी के रिएकशन्स पर असर डाल पाएंगे। ओपनएआई के मुताबिक भले ही विज्ञापन हर एक यूजर के लिए उपयोगी होंगे।

विज्ञापन कैसे चुने जाते हैं

टेस्टिंग के दौरान OpenAI विज्ञापनों को बातचीत के विषयों, पिछली चैट और पहले की विज्ञापन एक्टिविटी से मिलाता है। उदाहरण के लिए देखें तो डिशेज की खोज कर रहे यूजर्स को मील किट या किराने की डिलीवरी के विज्ञापन दिख सकते हैं। अगर कई एडवर्टाइजर योग्य पाए जाते हैं तो OpenAI सबसे प्रासंगिक ऑप्शन पहले दिखाता है। 

यूजर्स कंट्रोल को लेकर ओपनएआई का क्या दावा है

यूजर्स को इस एक्सपीरिएंस पर पूरा कंट्रोल मिलता है। वे विज्ञापनों को अस्वीकार कर सकते हैं और अलग-अलग एडवर्टाइजमेंट हिस्ट्री और इंटरेस्ट डेटा देख और हटा सकते हैं। इसके अलावा पर्सनलाइजेशन को चालू या बंद कर सकते हैं। पर्सनलाइजेशन बंद करने पर विज्ञापन केवल वर्तमान चैट तक लिमिटेड रहते हैं। फ्री यूजर्स कम दैनिक मैसेज के बदले एडवर्टाइजमेंट से ऑप्ट आउट कर सकते हैं या पेड प्लान में अपग्रेड कर सकते हैं।

ओपनएआई का कहना है कि यूजर्स अपने डेटा के यूज पर पूरा कंट्रोल रखेंगे। कंपनी भले ही पर्सनलाइज्ड ऐड दिखाने के लिए नॉन-कनवर्सेशनल डेटा का इस्तेमाल कर सकती है लेकिन यूजर्स इसे कभी भी बंद कर सकेंगे और ऐड के लिए यूज किए गए डेटा को हटा सकेंगे। दिग्गज कंपनी ने यह भी दावा किया है कि उसका चैटजीपीटी को इस केवल तरह से ऑप्टमाइज करने का कोई इरादा नहीं है जिससे लोग ऐप पर ज्यादा समय बिताएं और इसके ऐडवर्टाइजमेंट देखने वालों की संख्या बढ़े।

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