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Hindi News उत्तर प्रदेश UP: फर्जी दस्तावेज दिखाकर 10 साल तक की सरकारी नौकरी, FIR दर्ज के बाद किया गया निलंबित, जानिए मामला

UP: फर्जी दस्तावेज दिखाकर 10 साल तक की सरकारी नौकरी, FIR दर्ज के बाद किया गया निलंबित, जानिए मामला

आरोपी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है। पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी को सरकारी नौकरी से निकाला गया है। साथ ही मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। जिले के रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक स्टाफ नर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर मनीष जायसवाल की शिकायत पर नर्स कुमुदलता राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

दस्तावेज में तथ्यों को छिपाकर पाई नौकरी

इस संबंध में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मऊ जिले के अमरहट गांव की रहने वाली कुमुदलता राय ने अलग-अलग सालों में भिन्न-भिन्न जन्मतिथि प्रदर्शित कर परीक्षा उत्तीर्ण की। तथ्यों को छिपाकर नौकरी प्राप्त की है। वह करीब 10 साल से नौकरी कर रही थी।

10 साल नौकरी के बाद किया गया निलंबित

रसड़ा थाना प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि नर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर
संजीव वर्मन ने रविवार को कहा कि रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 10 साल से स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत राय को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। 

पुलिस में केस दर्ज होने के बाद शुरू की गई कानूनी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में पुष्टि हुई है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए राय को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। (भाषा के इनपुट के साथ)