शंकराचार्य के अपमान से आहत बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, प्रशासनिक गलियारों में मची हलचल
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से आहत होकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे से प्रशासनिक गलियारे में हलचल मच गई है।

बरेली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने UGC Regulations 2026 और प्रयागराज माघ मेले में हुई हालिया घटनाओं को अपने त्यागपत्र का मुख्य कारण बताया है।
अंतरात्मा की आवाज
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पद और प्रतिष्ठा से ऊपर स्वधर्म और स्वाभिमान है। मैं,अलंकार अग्निहोत्री (सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली),अपने पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। यह निर्णय व्यक्तिगत लाभ या हानि का नहीं, बल्कि समाज के प्रति मेरी जवाबदेही और अंतरात्मा की आवाज है। उन्होंने अपने इस्तीफे का मुख्य कारण भी बताया है। उन्होंने माघ मेले में ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के अपमान का जिक्र किया है साथ ही UGC Regulations 2026 को भी वजह बताया है।
उनका कहना है-"पूज्य संतों का अपमान और ब्राह्मणों का उत्पीड़न,प्रयागराज माघ मेले की पावन धरती पर जो हुआ,उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बटुक शिष्यों की चोटी (शिखा) पकड़कर प्रशासन द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई। जिस समाज में संतों की शिखा को छुआ नहीं जाता,वहां उन्हें घसीटा गया। क्या यह प्रशासन अब ब्राह्मणों के नरसंहार की मूक सहमति दे रहा है।"
स्पष्ट विचार और सख्त कार्यशैली
प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 2019 बैच के अधिकारी अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। कानपुर नगर के निवासी अग्निहोत्री पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं और प्रशासनिक हलकों में अपने स्पष्ट विचारों व सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को "काला कानून" बताते हुए आरोप लगाया कि ये नियम कॉलेजों के शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर देंगे और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने 13 जनवरी को प्रकाशित यूजीसी विनियम 2026 पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि इससे ब्राह्मण समुदाय के लोगों पर अत्याचार होंगे। उन्होंने कहा कि इसके प्रावधान भेदभावपूर्ण हैं और सामाजिक अशांति व आंतरिक असंतोष को जन्म दे सकते हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि ब्राह्मण जनप्रतिनिधि किसी कॉरपोरेट कंपनी के कर्मचारी बनकर रह गए हैं। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई की थी। अग्निहोत्री ने अमेरिका में भी काम किया है।
(बरेली से विकास की रिपोर्ट)