A
Hindi News उत्तर प्रदेश जानिए कब होगी बरसाने की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार और लड्डूमार होली? तैयारियों में जुटा प्रशासन, सादी वर्दी में रहेगी पुलिस

जानिए कब होगी बरसाने की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार और लड्डूमार होली? तैयारियों में जुटा प्रशासन, सादी वर्दी में रहेगी पुलिस

बरसाने की लट्ठमार और लड्डूमार होली को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन ने अभी से बता दिया है कि कहां-कहां बैरिकेडिंग की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए कौन से रास्ते प्रयोग रहेंगे, इसकी भी जानकारी दी गई है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi Image Source : PTI सांकेतिक तस्वीर

मथुरा के बरसाने की होली विश्व प्रसिद्ध है। बरसाना एवं नंद गांव में लट्ठमार व लड्डूमार होली के आयोजन की व्यवस्थाओं की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। बरसाना स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार में एक समन्वय बैठक 20 जनवरी को आयोजित की जाएगी। 24 फरवरी को लड्डूमार होली का आयोजन होगा। 25 फरवरी को विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा। इसके आयोजन को लेकर प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है।

सादी वर्दी में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

होली मेला स्थल का सीसीटीवी व लाउडस्पीकर का मुख्य कंट्रोल रूम पीडब्ल्यूडी सभागार में बनाया जाएगा। सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। समस्त श्रद्धालुओं को श्री जी गेट से ही प्रवेश दिया जाएगा, जो कि कटरा पार्क, सुदामा चौक, दादी बाबा मंदिर होते हुए सिंह पौर गेट से प्रवेश कर श्री जी के दर्शन  करके जयपुर मंदिर की तरफ से निकास के रास्ते से होकर अपने गंतव्य की तरफ जा सकेंगे। 

बनाई जाएंगी 60 बड़ी पार्किंग

मथुरा के जिला अधिकारी सीपी सिंह नें बताया कि बैरिकेडिंग करके छोटे-छोटे बॉक्स बनाकर बॉक्स फॉर्मेशन में श्रद्धालुओं का मूवमेंट कराया जाएगा। रंगीली चौक के आने-जाने वाले रास्तों पर आवागमन अत्यंत रिस्ट्रिक्टेड रहेगा। समस्त वाहनों की पार्किंग के लिए कुल 60 बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी, जहां वाहनों को पार करके श्रद्धालु पैदल ही मंदिर दर्शन के लिए जा सकेंगे।

बनाए जाएंगे जूते चप्पल और रोडवेज बस स्टैंड

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखते हुए जूते चप्पल स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड के पहले ही बनाए जाएंगे। ताकि जूते चप्पल लेने हेतु श्रद्धालुओं को वापस मंदिर की तरफ ना जाना पड़े। 7 जोन 18 सेक्टर में संपूर्ण क्षेत्र को विभाजित कर सुदृढ़ पुलिस प्रबंध किए जाएंगे।  

मथुरा से मोहन श्याम शर्मा की रिपोर्ट