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इटावा कथावाचक कांड: मुकुटमणि यादव और संत सिंह हुए गायब, दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ, जांच करने पहुंची पुलिस परेशान

इटावा कथावाचक कांड से चर्चा में आए मुकुटमणि यादव और संत सिंह के घर पर जब पुलिस विवेचना के लिए पहुंची तो दोनों गायब मिले। एक के घर में ताला लगा हुआ था और दूसरे के घर में परिजन मिले लेकिन वो उसकी लोकेशन नहीं बता पाए।

Mukutmani Yadav and Sant Singh- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मुकुटमणि यादव और संत सिंह के घर पहुंची पुलिस

इटावा: दांदरपुर गांव में जाति छिपाकर कथा वाचन करने के आरोप और उसके बाद हुए विवाद की जांच कर रही झांसी पुलिस को आरोपी कथावाचक अब तक नहीं मिले हैं। रविवार को जांच के सिलसिले में औरैया के अछल्दा पहुंचे विवेचक को कथावाचक मुकुटमणि यादव के किराए के मकान पर ताला लटका मिला, जबकि दूसरे कथावाचक संत सिंह के घर पर उनका परिवार मौजूद था लेकिन खुद वह घर पर नहीं मिले। दोनों के मोबाइल फोन भी बंद मिले, जिससे जांच में फिलहाल अड़चन आ गई है।

क्या है पूरा मामला?

बताते चलें कि 21 जून को दांदरपुर गांव में कथा के दौरान कथावाचकों की जाति सामने आने पर ग्रामीणों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की थी। आरोप है कि मुकुटमणि यादव की चोटी काट दी गई और संत सिंह का सिर मुंडवा दिया गया।

23 जून को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संत सिंह की ओर से दो नामजद व 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वहीं 24 जून को कथा की यजमान महिला ने कथावाचकों पर जाति छिपाकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए भी मुकदमा दर्ज कराया था।

इन मामलों की विवेचना शासन के निर्देश पर झांसी पुलिस को सौंपी गई है। रविवार को झांसी से पहुंचे विवेचक पूंछ थाने के प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल पहले दांदरपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने कथा के आयोजकों और ग्रामीणों से बातचीत कर करीब 10 लोगों के बयान दर्ज किए। 

इसके बाद वह देर शाम औरैया के अछल्दा कस्बे में कथावाचक मुकुटमणि यादव के किराए के मकान पर पहुंचे, जहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों और मकान मालिक से पूछताछ में पता चला कि घटना के बाद से ही मुकुटमणि वहां नहीं आए हैं।

इसके बाद विवेचक संत सिंह के घर पहुंचे। वहां उनकी पत्नी और बच्चे तो मिले लेकिन संत सिंह का कोई पता नहीं चला। परिवारजन भी उनकी लोकेशन नहीं बता सके। विवेचक ने परिजनों से आग्रह किया कि संत सिंह तक यह संदेश पहुंचा दें कि वह जल्द जांच अधिकारी से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराएं।

विवेचक अधिकारी का सामने आया बयान

विवेचक जेपी पाल ने बताया कि दोनों कथावाचक फिलहाल अपने घरों से गायब हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। अगला कदम उनके पैतृक गांव जाकर संपर्क करने का होगा। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी पक्षों से बयान लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। (इनपुट: इटावा से मोहम्मद फारिक)