A
  1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. दर्द, आंसू और सिंदूर: कानपुर में अस्पताल बना शादी का मंडप, हर एक की आंख हुई नम, देखें वीडियो

दर्द, आंसू और सिंदूर: कानपुर में अस्पताल बना शादी का मंडप, हर एक की आंख हुई नम, देखें वीडियो

कानपुर में युवक ने सच्चे प्यार का नमूना पेश किया। आग में झुलसी दुल्हन अस्पताल में भर्ती दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा और जिंदगी भर एक-दूसरे के साथ रहने की कसम खाई।

अस्पताल में भर्ती दुल्हन के साथ दूल्हे ने शादी की- India TV Hindi
Image Source : REPORTER अस्पताल में भर्ती दुल्हन के साथ दूल्हे ने शादी की

कानपुर के घाटमपुर में एक शादी की कहानी ने लोगों की आंखें नम कर दीं। जहां एक तरफ शादी वाले घर में शहनाइयां गूंज रही थीं, वहीं कुछ ही पलों बाद चीखों और दर्द ने पूरे माहौल को बदल दिया। लेकिन इस दर्द के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को यह एहसास करा दिया कि सच्चा प्यार सिर्फ खुशियों का साथी नहीं होता, बल्कि सबसे मुश्किल वक्त में भी हाथ थामे खड़ा रहता है।

घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश की बेटी श्वेता की शादी गुरुवार को होनी थी। दो दिन पहले घर में मेहंदी की रस्म चल रही थी। रिश्तेदारों की भीड़, ढोलक की थाप, महिलाओं के गीत और शादी की तैयारियों से पूरा घर जगमगा रहा था। श्वेता के हाथों में मेहंदी सज चुकी थी और परिवार बेटी की विदाई के सपने देख रहा था। कोई सजावट में व्यस्त था तो कोई मेहमानों की खातिरदारी में। हर चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। लेकिन देर शाम अचानक एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया। 

दुल्हन समेत 12 लोग गंभीर रूप से झुलसे

खाना बनाते समय गैस सिलेंडर की पाइप में रिसाव हुआ और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग बुझाने की कोशिश में चूल्हे पर रखी गर्म तेल की कढ़ाई पलट गई। उबलता तेल आसपास मौजूद लोगों पर जा गिरा। कुछ ही सेकंड में शादी का घर चीखों से गूंज उठा। हादसे में दुल्हन श्वेता समेत 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घर में मची अफरा-तफरी के बीच ग्रामीण और परिजन सभी को बचाने में जुट गए। चार एंबुलेंस की मदद से घायलों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में दुल्हन श्वेता को कानपुर के जाजमऊ स्थित मिशिका अस्पताल रेफर कर दिया गया।

दुल्हे ने जीता सभी का दिल

जिस घर में कुछ देर पहले तक शादी के गीत गूंज रहे थे, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और आंसू थे। परिवार को लगने लगा कि शायद अब शादी टालनी पड़ेगी। लेकिन तभी इस कहानी में वह मोड़ आया, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। जैसे ही हादसे की खबर दूल्हे विकास सिंह तक पहुंची, वह तुरंत अस्पताल पहुंच गया। बर्न वार्ड में दर्द से जूझ रही अपनी होने वाली दुल्हन को देखकर उसकी आंखें भर आईं। परिवार वालों ने कहा कि हालात ठीक होने पर बाद में शादी कर ली जाएगी, लेकिन विकास ने बिना एक पल सोचे साफ शब्दों में कहा, “शादी सिर्फ अच्छे दिनों का रिश्ता नहीं होती। अगर आज साथ छोड़ दिया, तो सात फेरों और वादों का कोई मतलब नहीं रहेगा। मैं हर हाल में श्वेता का साथ निभाऊंगा।”

Image Source : reporterअस्पताल में भर्ती दुल्हन के साथ दूल्हे ने शादी की

विकास के इन शब्दों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। इसके बाद दोनों परिवारों और अस्पताल प्रशासन की सहमति से ऐसा फैसला लिया गया, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। अस्पताल के बर्न वार्ड को ही मंडप में बदल दिया गया। जहां मशीनों की आवाजें थीं, वहां फूलों की सजावट की गई। अस्पताल का कमरा कुछ देर के लिए किसी फिल्मी दृश्य जैसा दिखाई देने लगा। रिश्तेदारों की आंखों में आंसू थे, लेकिन उन आंसुओं में दर्द के साथ गर्व भी था।

यहां देखें वीडियो

 डॉक्टर, नर्स और अस्पताल स्टाफ हुए भावुक

दुल्हन श्वेता अस्पताल के बेड पर थी और सामने दूल्हा विकास शादी के जोड़े में खड़ा था। पंडित ने मंत्र पढ़ने शुरू किए। माहौल इतना भावुक था कि डॉक्टर, नर्स और अस्पताल स्टाफ तक खुद को भावुक होने से नहीं रोक सके। फिर वह पल आया, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। विकास ने कांपते हाथों से श्वेता की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। उस समय बर्न वार्ड तालियों, आंसुओं और दुआओं से भर उठा।

यह सिर्फ एक शादी नहीं थी, बल्कि भरोसे, समर्पण और सच्चे प्रेम की ऐसी मिसाल थी, जिसने यह साबित कर दिया कि रिश्ते चेहरे की खूबसूरती या अच्छे समय से नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में निभाए गए साथ से मजबूत होते हैं। 

जिंदगी भर साथ नहीं छोड़ने का वादा

शादी के बाद विकास ने कहा, “मैंने श्वेता का हाथ जिंदगीभर साथ निभाने के लिए थामा है। परिस्थितियां कैसी भी हों, मैं उसे कभी अकेला नहीं छोड़ूंगा।” अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, श्वेता की हालत अब पहले से बेहतर है और कुछ दिनों में उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है। परिवार ने तय किया है कि उसके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद एक महीने बाद धूमधाम से विदाई और बाकी रस्में पूरी की जाएंगी। घाटमपुर की यह कहानी अब सिर्फ एक खबर नहीं रही, बल्कि सच्चे प्यार और अटूट रिश्ते की ऐसी मिसाल बन गई है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।

(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)