VIDEO: धमाके में झुलसी महिला ने हाथ जोड़कर मांगी मदद, कानपुर ब्लास्ट का खौफनाक मंजर
विस्फोट में घायल 8 लोगों में से 4 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में रेफर किया गया है। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में मेस्टन रोड पर बुधवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे शहर में सनसनी मचा दी। सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटी में अचानक हुए इस जोरदार धमाके में 8 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा अवैध रूप से स्टॉक किए गए पटाखों के कारण हुआ। इस मामले में अब तक 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, इसके साथ ही कई अन्य संदिग्धों से भी घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद झुलसी महिला का हृदय विदारक वीडियो आया सामने
घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक दिल दहलाने वाले वीडियो ने हादसे की भयावहता को उजागर किया है। वीडियो में एक महिला, जो विस्फोट में बुरी तरह झुलस चुकी है, दर्द से चीखते हुए बाजार के दुकानदारों से हांथ जोड़कर मदद मांग रही है। इस ब्लास्ट की तीव्रता इतनी तेज थी कि उस महिला के शरीर पर कपड़े लगभग पूरी तरह जल चुके हैं, और वह दोनों हाथ फैलाए तड़पती दिख रही है। कुछ देर बाद वह दर्द से बेहाल होकर जमीन पर गिर पड़ती है। ये ह्रदयविदारक दृश्य देखकर शुरुआत में डर और सदमे के कारण दुकानदार पीछे हटते हैं, लेकिन जल्द ही मानवता का परिचय देते हुए एक दुकानदार उसके शरीर पर चादर डालता है। इसके बाद 2-3 दुकानदार मिलकर उसे उठाते हैं और संभवतः अस्पताल ले जाते हैं। यह दृश्य न केवल हादसे की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता को भी सामने लाता है।
घटना के बाद घायलों की स्थिति
विस्फोट में घायल 8 लोगों में से 4 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में रेफर किया गया है। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। शेष दो घायलों का इलाज कानपुर के जिला अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि जांच में पुष्टि हुई है कि अवैध पटाखों के भंडारण के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को हिरासत में लिया है और अवैध पटाखों के स्रोत व नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू की है। साथ ही एसएचओ समेत 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। एसीपी को भी हटाया गया है। पुलिस कमिश्नर ने कहा, "हम अवैध पटाखों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।" फिलहाल इस घटना ने स्थानीय निवासियों में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि त्योहारी सीजन से पहले इतनी बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे शहर में कैसे पहुंचे जाते है, जबकि जिस इलाके में ये घटना घटी है उस घटनास्थल से महज कुछ ही कदम पर 2 थाने मौजूद है, पहला थाना मूलगंज जो महज कुछ कदम की दूरी पर मौजूद है, दूसरा थाना कोतवाली जो लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
घटना के बाद पुलिस ने लिया सबक, आगे की योजना ?
इस घटना के बाद से पुलिस अब पूरे शहर में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ व्यापक तलाशी अभियान शुरू करने की तैयारी में है। यह हादसा दीपावली से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सजा दी जाएगी और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
