कानपुर: लैंबॉर्गिनी केस में एक नया वीडियो सामने आया है। वीडियो से साफ हो गया है कि कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच। वीडियो ने आरोपी शिवम मिश्रा के पिता और वकील के दावों की पोल खोल रहा है। शुभम के पिता, वकील और ड्राइवर का झूठ बेनकाब हो गया है। यह वीडियो घटना के तुरंत बाद का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि गाड़ी में कोई ड्राइवर मौजूद नहीं है और ड्राइविंग सीट के अंदर शिवम मिश्रा ही बैठा है।
शिवम के पिता और वकील का झूठ पकड़ा गया
बाउंसर हाथों में वॉकिटॉकी लिए कानपुर पुलिस से बात कर रहे हैं और लोगों को दूर हटने के लिए बोल रहे हैं। शिवम के पिता और वकील ने अपने आधिकारिक बयान में यह बताया था कि गाड़ी ड्राइवर चला रहा था। मोहन नाम के व्यक्ति द्वारा कोर्ट में एफिडेविट भी दिया गया कि वह गाड़ी चला रहा था। जबकि घटना के समय गाड़ी में अकेला शिवम् मिश्रा ही बैठा था और वो खुद गाड़ी चला रहा था।
लैंबॉर्गिनी ने कई लोगों को कुचला
बता दें कि कानपुर में लग्जरी कार लैंबॉर्गिनी ने रविवार को छह लोगों को कुचल दिया था। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे लगभग 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी और कई लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गये थे। कार एक कारोबारी का बेटा चला रहा था। हालांकि कारोबारी और उसके वकील ने इससे इनकार किया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची और कार में मौजूद शिवम मिश्रा को बचाया। उसके बाद उसे और घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थाने में पीड़ितों और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आरोपी के साथ मौजूद निजी बाउंसर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि मिश्रा के परिवार के रसूख के कारण पुलिस उसके साथ नरमी बरत रही है।
थानाध्यक्ष लाइन हाजिर
अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अटकलें लगाई जा रही थीं कि घटना के वक्त आरोपी शिवम नशे में था, लेकिन परिवार का दावा है कि उसे मिर्गी के दौरे पड़ते हैं। इसकी उसकी जांच भी कराई जाएगी।
रिपोर्ट-ज्ञानेंद्र शुक्ला