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Hindi News उत्तर प्रदेश यूपी: प्रयागराज में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, 28 अधिकारियों को फौरन स्पेशल ड्यूटी के लिए भेजा गया

यूपी: प्रयागराज में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, 28 अधिकारियों को फौरन स्पेशल ड्यूटी के लिए भेजा गया

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिख रही है। यहां भारी भीड़ को काबू में करने के लिए और इंतजामों को व्यवस्थित रखने के लिए 28 अधिकारियों को फौरन स्पेशल ड्यूटी के लिए भेजा गया है।

Mahakumbh- India TV Hindi Image Source : PTI महाकुंभ

Kumbh Mela 2025: प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। रेलवे स्टेशन खचाखच भरे हुए हैं और सड़कों पर भी लंबा जाम लगा है। ऐसे में कोई अनहोनी ना हो, इसकी वजह से बड़ा फैसला लिया गया है। यूपी के 28 अफसरों को तत्काल प्रभाव से महाकुंभ की स्पेशल ड्यूटी पर भेजा गया है। ये अफसर 17 फरवरी तक प्रयागराज में रहेंगे।

आज कितने लोगों ने किया स्नान

खबर लिखे जाने तक आज 1.17 करोड़ से अधिक लोगों ने महाकुंभ में स्नान किया। इसमें 10 लाख से अधिक कल्पवासी थे और 1.07 करोड़ तीर्थयात्रियों ने दौरा किया था। अगर महाकुंभ की शुरुआत से लेकर 9 फरवरी तक के स्नान की बात करें तो 43.57 करोड़ से ज्यादा लोग अब तक स्नान कर चुके हैं।

महाकुंभ 2025 महत्वपूर्ण मुख्य स्नान तिथियां

माघ पूर्णिमा 2025

बसंत पंचमी के बाद अब महाकुंभ का अगला प्रमुख स्नान माघ पूर्णिमा के दिन संपन्न होगा। माघ पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का खास महत्व होता है। ऐसे में महाकुंभ और माघ पूर्णिमा के शुभ संयोग में स्नान करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। माघ पूर्णिमा 12 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। इसी दिन प्रयागराज में महाकुंभ का मुख्य स्नान किया जाएगा। 

महाशिवरात्रि 2025

महाकुंभ का आखिरी प्रमुख स्नान 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन किया जाएगा। इसी दिन महाकुंभ मेले का समापन भी होगा। महाशिवरात्रि के दिन त्रिवेणी में स्नान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही महादेव भोले शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 

कब से हुई थी महाकुंभ 2025 की शुरुआत?

महाकुंभ का आरंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू हुआ था। इस दिन पौष पूर्णिमा थी। वहीं महाकुंभ का पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को संपन्न हुआ था। उसके बाद दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर किया गया था। महाकुंभ का तीसरा और आखिरी अमृत स्नान बसंत पंचमी के दिन हुआ था।