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Hindi News उत्तर प्रदेश VIDEO: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिगड़ी तबीयत, मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने दी ये नसीहत, जानें क्या कहा

VIDEO: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बिगड़ी तबीयत, मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने दी ये नसीहत, जानें क्या कहा

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने सलाह दी और कहा, अपनी नाराजगी दूर करके धरना खत्म करें, माफ करने वाला व्यक्ति महान कहलाता है। देखें वीडियो...

अविमुक्तेश्वरानंद को रजवी की सलाह- India TV Hindi Image Source : PTI AND REPORTER अविमुक्तेश्वरानंद को रजवी की सलाह

उत्तर प्रदेश: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई है। कहा जा रहा है कि लगातार ठंड में खुले स्थान पर बैठने के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। तबीयत बिगड़ने के बावजूद अब तक किसी चिकित्सक द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया है। इसे लेकर उनके अनुयायियों और समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।  हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर अब तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन या प्रशासनिक बयान जारी नहीं किया गया है। 

रजवी ने दी शंकराचार्य को सलाह

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ मेले में स्नान करने से रोके जाने पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी  सख्त नाराज हैं। इसी बीच मेला अथॉरिटी ने उनको नोटिस देकर और नाराज कर दिया है। किसी भी अथॉरिटी को इस बात का अधिकार नहीं है कि वो किसी भी धर्म गुरु से उनकी योग्यता की डिग्री मांगे , नोटिस देकर योग्यता की डिग्री मांगना धर्म गुरु की तौहीन है। इसलिए मेला अथॉरिटी नोटिस वापस ले।

रजवी ने क्या कहा, देखें वीडियो

मौलाना रजवी ने सलाह देते हुए कहा कि शंकराचार्य जी एक बड़े धर्मगुरु है, धर्मगुरु के नाते उनको माफ़ कर देना चाहिए और माफ करने वाला हमेशा सबसे महान होता है। ऐसे ही कोई व्यक्ति गुस्से पर कंट्रोल करे, तो वो बहुत ताकतवर इंसान होता है। मौलाना ने आगे कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं, चाहे कोई छोटा हो या बड़ा। इसलिए कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। इस पहलू को भी सभी लोगों को समझना होगा। मैं शंकराचार्य जी से अपील करता हूं कि अपनी नाराज़गी दूर करके धरना खत्म करें,और अपने अनुयायियों को समझाएं।

(बरेली से विकास साहनी की रिपोर्ट)