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Hindi News उत्तर प्रदेश "प्लीज CM योगी भईया, हमें एक सिलाई मशीन दिला दीजिए", वाराणसी की मुस्लिम महिला ने की डिमांड, जानें फिर क्या हुआ

"प्लीज CM योगी भईया, हमें एक सिलाई मशीन दिला दीजिए", वाराणसी की मुस्लिम महिला ने की डिमांड, जानें फिर क्या हुआ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुस्लिम महिला को 2 घंटे के अंदर सिलाई मशीन उपलब्ध करवा दी गई। महिला ने सीएम योगी से अपील की थी कि आजीविका चलाने के लिए उन्हें सिलाई मशीन दिलवा दी जाए।

Muslim Woman- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT/PTI CM के निर्देश पर मुस्लिम महिला को मिली सिलाई मशीन

वाराणसी: सीएम योगी शुक्रवार को 2 दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान शनिवार को उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को सुना था। इसी दौरान शैला खानम नाम की महिला ने सीएम योगी को 2 पेज का आवेदन पत्र दिया, जिसमें उन्होंने लिखा, "योगी भईया, एक सिलाई मशीन दिलवा दीजिए, जिससे हमारी आजीविका चल सके।"

मुस्लिम महिला को मिली सिलाई मशीन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 2 घंटे के अंदर शैला खानम को उनकी मांग के अनुरूप सिलाई मशीन उपलब्ध कराई। सिलाई मशीन प्राप्त होने पर शैला खानम उर्फ निखत परवीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए इसके लिए आभार व्यक्त किया है।

दरअसल शैला खानम ने मुख्यमंत्री को 2 पेज का आवेदन पत्र देते हुए बताया कि उनके पास जॉब न होने से उन्हें परेशानी होती है। उनके पति का भी इनकम कम होने से उन्हें परेशानी होती है। मुख्यमंत्री से उन्होंने एक सिलाई मशीन की मांग करते हुए कहा कि इससे वह अपनी आजीविका का साधन बना सकेंगी और इससे अपने बच्चों की अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई भी करा लेंगी।

शैला खानम ने पत्र में सीएम योगी को भाई कहा था

शैला खानम ने मुख्यमंत्री को संबोधित इस पत्र में अपने को उनकी छोटी बहन लिखा। मुख्यमंत्री ने उन्हें सिलाई मशीन शीघ्र उपलब्ध कराए जाने का भरोसा देते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने शैल खानम को महज 2 घंटे के अंदर सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी, जिस पर उन्होंने खुशी जताई।

गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ लंबे समय से जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दर्शन कार्यक्रम रखते हैं। इस दौरान जनता की समस्याएं सुनी जाती हैं और लिखित रूप में ली जाती हैं। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा इन समस्याओं का निराकरण करवाया जाता है।