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Hindi News उत्तर प्रदेश पापा प्लीज बचा लो... बाप के सामने बेटे की डूब कर मौत, दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज

पापा प्लीज बचा लो... बाप के सामने बेटे की डूब कर मौत, दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज

पुलिस ने दो रियल स्टेट डेवलपर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों ने खुली कंस्ट्रक्सन साइट को बिना किसी सुरक्षा के छोड़ दिया था। इस वजह से यह हादसा हुआ।

Noida - India TV Hindi Image Source : PTI हादसे वाली जगह पर जुटी भीड़

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में पुलिस ने दो रियल स्टेट डेवलपर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यहां सेक्टर 150 में सड़क हादसे के दौरान 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। युवराज गुरग्राम से अपने ऑफिस से घर आ रहे थे। रात में कोहरा था और रास्ते पर सही निर्देश ना होने के कारण उनकी गाड़ी निर्माणधीन मॉल के बेसमेंट में गिर गई, जिसमें पानी भरा हुआ है। इसी में डूबकर उनकी मौत हो गई।

इस मॉल का निर्माण कर रहे डेवलपर्स ने कंस्ट्रक्सन साइट के किनारे सही तरीके से बेरिकेड्स नहीं लगाए थे। इसी वजह से उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही इंजीनियर नवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। लोटस बिल्डर से कंस्ट्रक्शन की रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। हादसे वाली जगह पर लाइट रिफ्लेक्टर नहीं थे और कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा हुआ था। इस वजह से मोड़ पर कोहरे के चलते युवराज को अंदाजा नहीं लगा और उसकी गाड़ी पानी में जा गिरी। 

पिता के सामने बेटे की मौत

पानी में गिरने के बाद युवराज ने अपनी जान बचाने की बहुत कोशिश की। वह गाड़ी की छत पर आकर लेट गया और वहां से अपने पिता को फोन किया। पिता ने पुलिस को जानकारी दी और दमकलकर्मी मौके पर आए। युवराज फ्लैश लाइट जला कर बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा, लेकिन न पुलिस न दमकलकर्मी उसे बचा पाए। उसके पिता सबसे गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं कर पाया। अब उस मोड़ पर बैरिकेड है, जो पहले लगा होता तो शायद युवराज की जान ना जाती। युवराज को बचाने के लिए एक व्यक्ति पानी में उतरा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उसने 15 दिन पहले एक ट्रक ड्राइवर की भी जान बचाई थी। 

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक के पिता हाथ जोड़ कर गुहार लगा रहे हैं कि जो उनके साथ हुआ वो किसी के साथ ना हो। वह रो रहें हैं कि बेटे को अपनी आंखो के सामने डूबता देखा। मगर उसे बचा नहीं पाए। युवराज घर का इकलौता बेटा था। वह इस हादसे को प्रशासन की लापरवाही बता रहे हैं। चाचा और दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि युवराज बहुत अच्छा था। वह कभी तेज रफ्तार से गाड़ी नहीं चलता था, उसके आखिरी शब्द थे, पापा प्लीज बचा लो।

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