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Hindi News उत्तर प्रदेश नोएडा में इंजीनियर की डूबकर मौत मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, CM योगी ने भी लिया संज्ञान, SIT भी गठित

नोएडा में इंजीनियर की डूबकर मौत मामले में हुई बड़ी कार्रवाई, CM योगी ने भी लिया संज्ञान, SIT भी गठित

सीएम के निर्देश के मुताबिक गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ के मंडलायुक्त करेंगे। यह एसाईटी पांच दिनों में इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

नोएडा में इंजीनियर की...- India TV Hindi Image Source : REPORTER INPUT नोएडा में इंजीनियर की डूबने से मौत

नोएडा: नोएडा में प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उनके निर्देश पर घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है। सीईओ लोकेश एम को फिलहाल वेटिंग में डाल दिया गया है। 

मेरठ के मंडलायुक्त करेंगे एसआईटी का नेतृत्व

इंजीनियर की मौत के मामले में सीएम योगी के निर्देश पर गठित इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ के मंडलायुक्त करेंगे। मंडलायुक्त मेरठ के अलावा, एडीजी जोन मेरठ व चीफ इंजीनियर PWD को भी SIT में शामिल किया गया है। सीएम के निर्देश के मुताबिक एसआईटी पांच दिनों में इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को भी वेटिंग में डाला गया है।

राज्य सरकार ने जारी किया बयान

राज्य सरकार के एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे एक गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई मौत के मामले का संज्ञान लिया है और उनके निर्देश पर मामले की तफ्तीश के लिये तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। बयान के अनुसार मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में गठित इस तीन सदस्यीय SIT में मेरठ के मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। यह समिति पांच दिन में जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। 

क्या है मामला?

गुरुग्राम की एक कम्पनी में नौकरी करने वाले 27 वर्षीय साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता शुक्रवार की रात एक हादसे में मौत हो गयी थी। पुलिस के मुताबिक उसकी कार ग्रेटर नोएडा के सेक्‍टर-150 एटीएस ले-ग्रैडियोज के पास अनियंत्रित हो गई और नाले की दीवार तोड़कर एक निर्माणाधीन मॉल के परिसर में पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गयी। युवराज के परिजनों का आरोप है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के कारण युवराज की मौत हुई है। उनका कहना है कि तीखा मोड़ होने के बावजूद बैरीकेडिंग नहीं किये जाने, ‘रिफ्लेक्टर्स’ नहीं लगाये जाने और भूखंड के आसपास कोई ‘सेफ्टी वॉल’ नहीं बनाये जाने के कारण यह दुर्घटना हुई। बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।