यूपी: मुजफ्फरनगर में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात बदमाश अमजद, गोलीबारी में SI और सिपाही भी घायल
मुजफ्फरनगर पुलिस ने इनामी बदमाश अमजद को मार गिराया है। बदमाश के खिलाफ 40 से ज्यादा मुकदमें दर्ज थे। बदमाश के पास से अवैध हथियार और लूट के सामान भी बरामद किए गए हैं।
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद मारा गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिसकर्मियों पर भी गोली चलाई। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली से उपनिरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल इशफाक भी घायल हुए हैं। दोनों का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। ये मुठभेड़ गुरुवार तड़के बुढाना कोतवाली क्षेत्र में हुई।
अस्पताल में बदमाश ने तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के थाना बुढाना, तितावी और शाहपुर पुलिस की संयुक्त टीम की बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी और वांछित अपराधी अमजद पुत्र जिलेदीन निवासी ग्राम हरसौली थाना शाहपुर घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई फायरिंग के जवाब में जवाबी कार्रवाई में अमजद को गोली लगी। घायल अवस्था में उसे तत्काल सीएचसी बुढाना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। बदमाश के पास से एक कार्बाइन, पिस्टल बाइक और लूट का माल बरामद किया गया है।
40 से ज्यादा दर्ज थे मुकदमें
पुलिस ने बताया कि कुख्यात बदमाश अमजद के खिलाफ कई राज्यों में 40 से ज्यादा मुकदमें दर्ज थे। यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अमजद के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमजद अंतर्राज्यीय स्तर का शातिर अपराधी था और उसके विरुद्ध हत्या, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न संगीन धाराओं में लगभग 40 मुकदमे दर्ज थे। वह थाना बुढाना पर दर्ज मु0अ0सं0 459/2025 धारा 309(4) बीएनएस तथा मु0अ0सं0 10/2026 धारा 309(4), 351(3) बीएनएस में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
पुलिस के लिए सिर दर्द बना था अमजद
अमजद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार में भी कई संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2008 से लेकर 2026 तक उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होती रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमजद की मृत्यु के साथ ही कई लंबित मामलों की जांच पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और उसके गिरोह की गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।
रिपोर्ट- योगेश त्यागी, मुजफ्फरनगर
