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संजीव बालियान के बयान पर राकेश टिकैत ने दिया जवाब, बोले- बुंदेलखंड को बनाया जाए अलग राज्य

रविवार को आयोजित जाट समाज की एक सभा में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि मेरी इच्छा है कि पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाया जाए। संजीव बालियान के इस बयान पर किसान नेता राकेश टिकैत ने विरोध दर्ज कराया है।

Rakesh Tikait opposed Sanjeev Balyan demand for seprate state of west up said make Bundelkhand as se- India TV Hindi
Image Source : WIKIPEDIA/FILE PHOTO संजीव बालियान की मांग का राकेश टिकैत ने किया विरोध

नई दिल्ली: मेरठ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में बीते दिनों केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने एक बयान देते हुए कहा था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक अलग राज्य बना देना चाहिए और इसकी राजधानी मेरठ होगी। रविवार को केंद्रीय मंत्री द्वारा इस बयान दिया गया। इस कार्यक्रम में जाट समुदाय के बड़े नेताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संजीव बालियान ने इस मौके पर कहा कि पश्चिमी यूपी की कुल आबादी 8 करोड़ है। कई सारे छोटे-छोटे राज्य हैं। पश्चिमी यूपी जिस दिन राज्य बन जाएगा, उस दिन यह देश का सबसे अच्छा और समृद्ध प्रदेश होगा। इस मामले पर अब किसान नेता राकेश टिकैत का बयान आया है। 

बालियान के मांग पर क्या बोले राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान द्वारा पश्चिमी यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर अलग राज्य ही बनाना है तो पहले बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाना चाहिए। उन्होंने इस दौरान लोकसभा 2024 चुनाव में किसानों के मुद्दों पर आंदोलन की बात कही। भारत कनाडा विवाद पर टिकैत ने कहा कि कनाडा का मुद्दा चुनावी फायदा उठाने के लिए उछाला जा रहा है। उन्को वहां (कनाडा) चुनाव लड़ना है, इनको यहां (भारत) चुनाव लड़ना है।

लंबे समय से चल रही है मांग

बता दें कि जाट समुदाय के इस कार्यक्रम में संजीव बालियान ने कहा था ककि अलग-अलग पार्टियों और उनके नेताओं के विचार इसपर अलग हो सकते हैं। लेकिन ये मेरे निजी विचार हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक अलग राज्य बनाया जाए। उन्होंने कहा, 'छोटे राज्यों का विकास तेजी से होता है। इसलिए मैं इस सपने के सच होने का इंतजार कर रहा हूं।' बता दें कि पश्चिमी यूपी को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग कोई नहीं है। कई दशकों से यह मांग की जा रही है। इस बाबत रालोद द्वारा भी लंबा आंदोलन चलाया गया था, लेकिन इस मांग का कुछ असर नहीं हुआ। मायावती ने भी साल 2012 में यूपी को चार हिस्सों में बांटकर छोटे-छोटे राज्य बनाने की मांग की थी।