बेंगलुरुः बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हमारा सिद्धांत है कि दोस्त जब कमजोर हो उसका साथ नहीं छोड़ते। अखिलेश का बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में महागठबंधन की बुरी तरह हार हुई है और कांग्रेस मात्र छह सीटें जीत पाई। यूपी में कांग्रेस सपा की सहयोगी पार्टी है और संभावना है कि 2029 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में सपा कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़े। सपा ने 2024 के लोकसभा में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और बीजेपी से ज्यादा सांसद जीते।
हम लोगों को बीजेपी से सीखना होगाः अखिलेश
पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि "हम लोगों को बहुत कुछ बीजेपी से सीखना है, 202 डबल सेंचुरी हो जाना, हम लोगों को भी ऐसा ही टारगेट फिक्स करना होगा यूपी में।" अखिलेश ने कहा कि यूपी में हमें भी अपना टारगेट फिक्स करना होगा तभी बीजेपी को कड़ी टक्कर दी जा सकती है।
शायद बिहार के लोग समझ नहीं पाएः अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि जो बाय इलेक्शन यूपी में हुआ था, उसमें बीजेपी ने पुलिस लगाकर वोट लूट लिया था। बिहार में यह बात शायद हम लोग नहीं समझा पाए कि 10 हज़ार से आपको वह हासिल नहीं होगा जो आप जीवन में करना चाहते हैं।"
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि "बुलडोजर कोई अच्छी संस्कृति नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने भी मना किया है। वह लोग इस्तेमाल करते हैं बुलडोजर का जो डिस्ट्रक्शन पसंद करते हैं, कांस्टीट्यूशन और डेमोक्रेसी पर भरोसा नहीं करते।"
बीजेपी से मुकाबला करेगा सपा का PPTV
इससे पहले शुक्रवार को अखिलेश यादव ने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर कहा था कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।