यूपी में घुसपैठियों की पहचान के लिए पुलिस का एक्शन तेज, मांगे जा रहे पहचान पत्र; मेरठ में 6500 संदिग्धों का पता चला
यूपी में घुसपैठियों की अब खैर नहीं है। सीएम योगी के आदेश के बाद पुलिस शहर-शहर जाकर संदिग्ध लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस लोगों से पहचान पत्र और मोबाइल नंबर भी मांग रही है।

लखनऊः उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के बीच घुसपैठियों को चिह्नित किया जा रहा है। यूपी पुलिस वैरिफिकेशन ड्राइव चला रही है। पुलिस लखनऊ से लेकर बुलंदशहर, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ तक हर शहर में वैरिफिकेशन ड्राइव चल रही है। लोगों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल नंबर और आधार कार्ड भी लोगों से मांगे जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के सभी शहरों में पुलिस वेरिफिकेशन ड्राइव चला रही है। अवैध घुसपैठियों और बांग्लादेशियों की पहचान की जा रही है। बीती रात भी 17 शहरों में घुसपैठियों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया गया।
मेरठ में 6500 संदिग्धों की पहचान
इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में भी पुलिस ने ऑपरेशन टॉर्च चलाया है..जिसके तहत सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ियां डालकर रह रहे बाहरी लोगों के डॉक्यूमेंट चेक किए गए। उनसे पूछताछ की गई। मेरठ में 52 जगहों पर पुलिस ने जांच अभियान चलाया। दस्तावेज चेक करने के दौरान 6500 संदिग्धों की पहचान की गई। जबकि 3200 लोगों की पहचान को लेकर डाउट है।
सीएम योगी ने जनता को लिखा पत्र
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। मैं प्रदेश की जागरूक जनता से अपील करता हूं कि सतर्क रहे और घरेलू अथवा व्यावसायिक कार्यों में किसी भी व्यक्ति को नियोजित करने से पूर्व उसकी पहचान अवश्य सुनिश्चित करें। प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि का आधार है।
सीएम योगी की चिट्ठी की मुख्य बातें
- घुसपैठिए किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं।
- संसाधनों पर नागरिकों का आधार, घुसपैठियों का नहीं ।
- यूपी की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता।
- अवैध रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ प्रदेश में सख्त कार्रवाई।
- सभी नगर निकायों को संदिग्ध की पहचान कर लिस्ट तैयार करने का निर्देश।
- सार्वजनिक संसाधनों पर अनाधिकृत बोझ की सफाई जरूरी।
- योजनाओं से वंचितों को मिलने वाले लाभ को बंटने नहीं दिया जा सकता।
- घुसपैठियों की पहचान कर डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है।
- हर मंडल में डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं।
- किसी भी शख्स को नौकरी देने से पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करें।
- प्रदेश की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी।