उत्तर प्रदेश के नोएडा में पानी में डूबकर इंजीनियर की मौत के मामले में कार्रवाई लगातार जारी है। नोएडा सेक्टर 150 सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की वीडियो जिसमें युवराज खुद दमकल विभाग के सामने गाड़ी के ऊपर बैठा हुआ और अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर बैठा है ,इधर दमकल विभाग के फायर फाइटर भी पानी में उतर रहे है,वीडियो में बोल रहे हैं कि बहुत अच्छे दोस्त, क्या पानी बहुत गहरा है बेटा, रुक जाओ एक गाड़ी और मंगाई है,
नोएडा घटना पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की SIT जांच जारी है। SIT ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है। SIT को 5 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर रियल एस्टेट कंपनियों पर FIR दर्ज की गई है। एम्सड विशटाउन प्रा. लि. और लोटस ग्रीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एम्सड विशटाउन परियोजना के मालिक अभय कुमार हिरासत में है। जांच में बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतज़ामों की भारी कमी उजागर हुई है। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण का एक जूनियर इंजीनियर निलंबित हुआ है। इसके अलावा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बिल्डरों और प्लॉट-मालिकों को सुरक्षा मानकों को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
दूसरी FIR भी दर्ज
नोएडा में युवराज मेहता की डूबकर मौत के मामले में पुलिस की ओर से दूसरी FIR दर्ज की गई है। इस FIR में लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन और विजटाउन कंपनी के शेयर होल्डर्स को आरोपी बनाया गया है। पुलिस द्वारा मामले में पांच शेयर होल्डर्स को नामजद किया गया है।