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निषाद पार्टी के मुखिया और मंत्री संजय निषाद बीजेपी से क्यों नाराज हैं? सामने आई वजह

उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद की नाराजगी की वजह सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक निषाद को लग रहा है कि गठबंधन में उनको महत्व नहीं दिया जा रहा है।

मंत्री संजय निषाद की फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : X@MAHAMANA4U मंत्री संजय निषाद की फाइल फोटो

लखनऊः यूपी में बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के मुखिया और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद की नाराजगी के पीछे कई वजह बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि संजय निषाद को लग रहा है कि बीजेपी पूर्व राज्यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद को ज़्यादा महत्व दे रही है। सूत्रों की मानें तो संजय निषाद को लग रहा है कि एनडीए गठबंधन में उनका महत्व कम हो गया है और वो दूसरे निषाद नेता जयप्रकाश निषाद को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में अपनी नाराजगी दिखाकर संजय निषाद बीजेपी पर दबाव बनाना चाहते है।

संजय निषाद को मनाने के लिए एक मंत्री को लगाया गयाः सूत्र

अभी पिछले हफ्ते ही संजय निषाद ने दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था जिसमें योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर और आशीष पटेल भी शामिल हुए थे। बीजेपी के नेताओ का कहना है कि पार्टी किसी दबाव में नहीं आने वाली। हालांकि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री को संजय निषाद से बात करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। अभी लोकसभा चुनाव में संजय निषाद बीजेपी को निषादों का वोट नहीं दिला पाए। निषाद पार्टी दो सीट पर चुनाव लड़ी और एक ही जीत पाई। 

संजय निषाद के बेटे प्रवीण भी चुनाव हार गए। निषाद वोट बाहुल्य सभी सीट बीजेपी हार गई। ऐसे में बीजेपी का कहना है कि बीजेपी को निषाद वोट के लिए निषाद नेता चाहिए तो संजय निषाद को भी ये नहीं भूलना चाहिए कि वो गठबन्धन सरकार में मंत्री हैं। 

सपा के साथ जाना आसान नहीं

संजय निषाद के कल के बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही है कि क्या संजय निषाद समाजावादी पार्टी में जाने के रास्ते भी खोज रहे हैं लेकिन सपा में वापस जाना आसान नहीं होगा। अखिलेश यादव संजय निषाद से खासे नाराज हैं। सपा के टिकट पर ही संजय निषाद का बेटा प्रवीण निषाद पहली बार उपचुनाव मे जीता था। लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव के पहले संजय निषाद ने दिन में अखिलेश यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और उसी दिन शाम होते होते बीजेपी के साथ गठबन्धन कर लिया था। बता दें कि यूपी में करीब चार फीसदी निषाद वोट है। गंगा के किनारे वाले पूर्वी यूपी में निषादों की अच्छी आबादी है। लगभग सौ विधान सभा सीट पर निषाद वोट मायने रखता है।

मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- दूर की जाएगी नाराजगी

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि संजय निषाद की कुछ नाराज़गी होगी। परिवार में नाराज़गी हो जाती है, मिल बैठ कर हम नाराज़गी दूर करेंगे। पार्टी का शीर्ष नेता उनसे बात करेगा।
गठबंधन धर्म को बीजेपी सबसे अच्छी तरह निभाती है। गठबंधन में जीत में योगदान तो सबका होता है। लोकतंत्र में कई बार लोग अपनी बात करते हैं,लेकिन संजय निषाद समझदार हैं वो भविष्य जानते हैं कि यूपी में सताइस में फिर बीजेपी के सरकार ही बनेगी।