मेरठ: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती को गुरुवार को मेरठ में एक वायरल वीडियो के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। वीडियो में वह कथित तौर पर एक नाबालिग और महिलाओं से बातचीत करते हुए आपत्तिजनक बातें करते हुए दिख रहे थे। इंचोली पुलिस स्टेशन के SHO जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय निवासी अनीस की शिकायत पर जकाती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील हरकतें) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक वायरल क्लिप में जकाती एक नाबालिग लड़की और महिलाओं के बीच बातचीत के दौरान अश्लील बातें करते हुए दिख रहे हैं।
कोर्ट से माफी मांगने के बाद मिली जमानत
जानकारी के मुताबिक, डबल मीनिंग रील बनाने को लेकर घिरे शादाब जकाती ने एक बच्ची के साथ रील बनाई और उसमें डबल मीनिंग वाले अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया। भाजपा के एक नेता और सोशल एक्टिविस्ट ने इसकी शिकायत राष्ट्रीय बाल आयोग और पुलिस से की। इंचौली पुलिस ने शिकायत के आधार पर शादाब जकाती पर BNSS 170 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया, जहां लंबी बहस के बाद उसे जमानत मिल गई। जकाती ने कोर्ट को माफीनामा और एफिडेविट दिया की भविष्य में ऐसी रील नही बनायेगा।
इस वीडियो को लेकर हुई था विवाद
वीडियो में जकाती एक दुकानदार का रोल कर रहे हैं। एक छोटी लड़की जंक फूड के लिए दुकान में आती है और कहती है कि उसकी मां पेमेंट कर देगी। इसके जवाब में जकाती कहता है कि अगर बच्ची इतनी सुंदर है, तो उसकी मां और भी सुंदर होगी। फिर सीन में वह लड़की के घर जाता है, जहां वह एक औरत को देखता है और मान लेता है कि वही मां है। वह कहता है कि उसे पैसे के बजाय "बदले में किस करना चाहिए"। बच्ची अपनी असली मां के साथ आती है, जो सांवली है। दुकानदार को यकीन नहीं होता, वह पूछता है कि वह बच्ची की मां कैसे हो सकती है। फिर कहता है मेरी पेमेंट ही दे दो।
यहां देखें वीडियो
शादाब जकाती बोले- हमारी गलत मंशा नहीं थी
गौरतलब है कि शादाब जकाती“10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है जी?” डायलॉग से सोशल मीडिया मे सुर्खियों बटोरी थी। वह सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और मेरठ में रहते है। इस इंफ्लुएंसर को कोर्ट ने रिहा किया तो उन्होंने कहा कि मैने तो अपनी बच्ची को लेकर सिर्फ एक वीडियो बनाया था। बच्ची की मां की तारीफ़ की थी। हमारी किसी तरह की गलत मंशा नहीं थी।