आज के इस समय में बहुत ही कम लोग ऐसे मिलेंगे जिनके पास फोन नहीं होगा या फिर सिंपल सा यानी की-पैड वाला फोन होगा बाकी पूरी दुनिया स्मार्ट फोन यूज कर रही है। कुछ लोग 25-30 हजार का फोन यूज कर रहे हैं तो कुछ लोग लाख रुपए का भी स्मार्ट फोन यूज कर रहे हैं। आप भी स्मार्ट फोन यूज करते ही हैं और उसके सारे फीचर्स भी जानते होंगे। आप यह भी जानते होंगे कि आपके फोन में कितने मेगापिक्सल का कैमरा है। हर फोन में अलग-अलग मेगापिक्सल का कैमरा होता है लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि हमारी आंखों में भी मेगापिक्सल होता है। आइए उसके बारे में बताते हैं।
आंखों में भी होता है मेगापिक्सल
जब भी कोई फोन खरीदता है तो उसके अलग-अलग फीचर्स को चेक करता है। फोन की बैट्री, रैम, रॉम के साथ ही साथ फोन के कैमरे का मेगापिक्सल भी चेक करते हैं। बजट में जिस फोन के कैमरे का मेगापिक्सल ज्यादा होता है, लोग उसी को खरीदते हैं। अब मेगापिक्सल की बात चली है तो एक इंटरेस्टिंग बात बताते हैं। आपको बता दें कि हमारी आंखों में भी फोन के कैमरे की तरह ही मेगापिक्सल होता है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि हमारी आंखें कितने मेगापिक्सल की होती हैं।
कितने मेगापिक्सल की होती हैं हमारी आंखें?
आपको बता दें कि वैज्ञानिक मानते हैं कि हमारी आंखें 576 मेगापिक्सल की होती हैं। वैज्ञानिक और फ़ोटोग्राफ़र डॉ. रोजर क्लार्क के अनुसार, मानव आंख का रिज़ॉल्यूशन 576 मेगापिक्सेल है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि हमारी आंखें डिजिटल कैमरे की तरह काम करती हैं तो ऐसा नहीं है। हमारी आंखें पूरे सीन को प्रोसेस नहीं करती हैं बल्कि हमारे दिमाग के जरिए कुछ हिस्सों को फोकस करती हैं और वहीं कैमरा सेंसर एक सा पूरी फोटो क्लिक करता है।
नोट: इस आर्टिकल में आपको दी गई पूरी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर है और इंडिया टीवी ऊपर दी गई जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। इस आर्टिकल का उद्देशय केवल आप तक यह जानकारी पहुंचानी है।
ये भी पढ़ें-
Indian Railway Facts: ट्रेन के सिर्फ लास्ट डिब्बे पर ही क्यों होता है 'X' का निशान? आज जान लीजिए इसके पीछे का कारण
क्या ट्रेन में भी होता है गियर का सिस्टम? जवाब जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान