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बंगाल चुनाव के फर्स्ट फेज में 23 फीसदी उम्मीदवार दागी, जानें किस पार्टी में सबसे ज्यादा करोड़पति

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के पहले चरण में 23 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं, जबकि 21 फीसदी करोड़पति हैं। इस फेज में 19 उम्मीदवार तो ऐसे हैं जिन पर हत्या से जुड़े मामले दर्ज हैं।

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Image Source : PTI ADR की रिपोर्ट में बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले फेज से जुड़े कुछ दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी कि ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव मैदान में उतरे लगभग हर 4 में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि हर पांचवां उम्मीदवार करोड़पति है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1475 उम्मीदवारों में से 345 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है। इनमें से 294 (20 प्रतिशत) उम्मीदवार गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं।

19 कैंडिडेट्स पर हत्या से जुड़े मामले दर्ज

चौंकाने वाली बात यह है कि 19 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े मामले दर्ज हैं, जबकि 105 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास के आरोप हैं। इसके अलावा 98 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले हैं, जिनमें 6 उम्मीदवारों पर दुष्कर्म के आरोप भी शामिल हैं। अगर प्रमुख राजनीतिक दलों की बात करें, तो सबसे ज्यादा आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार बीजेपी के हैं। पार्टी के 152 में से 106 उम्मीदवार (70 प्रतिशत) ने ऐसे मामलों की जानकारी दी है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के 63 उम्मीदवार (43 प्रतिशत), CPM के 43 उम्मीदवार (44 प्रतिशत) और कांग्रेस के 39 उम्मीदवार (26 प्रतिशत) इस सूची में शामिल हैं।

BJP के 63% उम्मीदवारों पर गंभीर मामले

गंभीर आपराधिक मामलों में भी यही रुझान देखा गया। बीजेपी के 63 प्रतिशत, तृणमूल कांग्रेस के 32 प्रतिशत, CPM के 37 प्रतिशत और कांग्रेस के 22 प्रतिशत उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप हैं। रिपोर्ट में 66 विधानसभा सीटों (करीब 43 प्रतिशत) को 'रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र' बताया गया है, जहां 3 या उससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ADR ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद राजनीतिक दल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने का सही कारण नहीं बता रहे हैं और 'लोकप्रियता' या 'राजनीतिक बदले की भावना' जैसे आधारहीन कारण दे रहे हैं।

पहले फेज में 309 उम्मीदवार हैं करोड़पति

आर्थिक स्थिति की बात करें तो पहले फेज में 309 उम्मीदवार (21 प्रतिशत) करोड़पति हैं। सभी उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपये आंकी गई है। पार्टियों के हिसाब से औसत संपत्ति में तृणमूल कांग्रेस सबसे आगे है, जहां उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.70 करोड़ रुपये है। इसके बाद भाजपा (2.57 करोड़ रुपये), कांग्रेस (2.06 करोड़ रुपये) और CPI(M) (92.42 लाख रुपये) का स्थान है। रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के 72 प्रतिशत, बीजेपी के 47 प्रतिशत, कांग्रेस के 33 प्रतिशत और CPM के 24 प्रतिशत उम्मीदवारों की संपत्ति 1 करोड़ रुपये से अधिक है।

कौन हैं सबसे अमीर और सबसे गरीब कैंडिडेट?

सबसे अमीर उम्मीदवारों में तृणमूल कांग्रेस के जाकिर हुसैन पहले स्थान पर हैं, जिनकी संपत्ति 133 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके बाद 105 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ गौतम मिश्रा दूसरे और 72 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ कबी दत्ता तीसरे नंबर पर आते हैं। वहीं, सबसे गरीब उम्मीदवारों में रूबिया बेगम (500 रुपये), सुशृता सारेन (700 रुपये) और जशोदा बर्मन (924 रुपये) शामिल हैं। इन तीनों के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है।

कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 11 फीसदी महिलाएं

जनसांख्यिकीय आंकड़ों के मुताबिक, कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 167 (11 प्रतिशत) महिलाएं हैं। लगभग आधे उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता कक्षा 5 से 12 के बीच है, जबकि 47 प्रतिशत उम्मीदवार स्नातक या उससे ज्यादा शिक्षित हैं। उम्र के हिसाब से 53 प्रतिशत उम्मीदवार 41 से 60 वर्ष के बीच के हैं। ADR की यह रिपोर्ट चुनावी राजनीति में आपराधिक मामलों और धनबल की बढ़ती भूमिका को एक बार फिर उजागर करती है।