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पश्चिम बंगाल के बेलघरिया में टीएमसी नेता को गोली मारी, दोस्त भी घायल, दोनों की हालत गंभीर

घटना रात नौ बजे के करीब हुई, जब टीएमसी नेता पर गोली चलाई गई, तब सड़क पर काफी भीड़ थी। ऐसे में गोलीबारी होने पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

belghariya TMC leader Shoot out- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर शूट आउट की घटना सामने आई है। उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया में शनिवार रात करीब 9 बजे दो-तीन उपद्रवियों ने एक तृणमूल नेता को गोली मार दी। इस हमले में तृणमूल कांग्रेस के मजदूर सेल के नेता बिकास सिंह और उनके एक दोस्त संतु गंभीर रूप से घायल हो गये। यह सनसनीखेज घटना बेलघरिया के उत्तरी वासुदेवपुर में हुई। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल टीएमसी नेता को उत्तर 24 परगना जिले के सागर दत्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। रात नौ बजे व्यस्त सड़क पर ऐसी घटना से दहशत फैल गयी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विकास सिंह बेलघरिया के वार्ड नंबर 29 के उत्तरी वासुदेवपुर में एक चाय की दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। इसी बीच बाइक पर दो से तीन बदमाश आये और विकास पर गोली चला दी। एक के बाद एक तीन राउंड फायरिंग की गयी। 

टीएमसी नेता और दोस्ती की हालत गंभीर

विकास की कमर में गोली लगी है। दूसरी गोली बगल में बैठे उनके दोस्त संतू के हाथ पर लगी। ऐसे में उपद्रवी एक फायर हवा में करते हुए बाइक से भाग निकले। हमले के बाद स्थानीय लोगों ने विकास और संतु को सागर दत्ता अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है। हालांकि, राज्य में यह किसी नेता पर जानलेवा हमले की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में नेताओं पर हमले होते रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी टीएमसी और बीजेपी दोनों राजनीतिक दलों के कई नेताओं पर हमले हुए थे। दोनों पार्टियों के कई कार्यकर्ता ऐसे ही हमलों में मारे भी गए थे।

टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या

21 फरवरी की रात पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि था रात को मोटरसाइकिल सवार शेख नियामुल को कुछ लोगों ने कंकराटाला बस स्टैंड के पास रोका और फिर डंडों व पत्थरों से उसकी पिटाई की। घायल नियामुल को सिउरी सदर अस्पताल ले जाया गया और फिर एक निजी अस्पताल भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। नियामुल के भाई और तृणमूल कार्यकर्ता इनामुल शेख ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या पार्टी के प्रतिद्वंद्वी गुट ने की है, “जिसने पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए काम किया था”। जिला तृणमूल कांग्रेस ने हालांकि इस दावे का खंडन किया और आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले आतंक फैलाने के लिए भाजपा सदस्यों ने नियामुल की हत्या की है। आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि यह हत्या राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। पुलिस ने कहा कि हत्या के पीछे के लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। 

(बेलघरिया से ओंकार सरकार की रिपोर्ट)