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Bishnupur Election Result 2026 Live Updates: बिष्णुपुर में TMC या BJP, देखें रुझानों में कौन आगे

Bishnupur Election Result 2026: बिष्णुपुर सीट से कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि, असली लड़ाई टीएमसी के तन्मय घोष और भाजपा के शुक्ला चटर्जी के बीच मानी जा रही थी।

Bishnupur Assembly Election- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV बिष्णुपुर विधानसभा सीट 2026

Bishnupur Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने शुरू हो चुके हैं। सभी सीटों पर शुरुआती रुझान आ रहे हैं। इस बीच बिष्णुपुर सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। यहां पिछला चुनाव भी भारतीय जनता पार्टी ने जीता था, लेकिन बीजेपी विधायक टीएमसी में शामिल हो गए। इससे पहले कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली थी और वह भी टीएमसी में शामिल हो गए थे। ऐसे में इस बार की लड़ाई बेहद रोचक बनी हुई थी।

2011 में यहां सीपीआईएम का दबदबा खत्म हुआ था। इसके बाद से कोई भी पार्टी लगातार दो जीत नहीं हासिल कर पाई है। हालांकि, जो भी यहां से जीता है, वह टीएमसी में शामिल हुआ है।

किसके बीच मुकाबला?

बिष्णुपुर में बीजेपी ने शुक्ला चटर्जी, टीएमसी ने तन्मय घोष (बुम्बा), हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी ने गुलजार बायन को टिकट दिया था।  सीपीआई(एमएल)(एल) ने टाइटस गुप्ता और कांग्रेस ने उज्ज्वल चंद्र को उम्मीदवार बनाया है। एसयूसीआई(सी) ने शशिभूषण बनर्जी और शुक्ला बंद्योपाध्याय नाम के निर्दलीय उम्मीदवार भी यहां से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि, असली मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवार के बीच ही रहा।

बिष्णुपुर का इतिहास

बिष्णुपुर में लोकसभा चुनाव में बीजेपी आगे रही है। 2019 में बीजेपी को टीएमसी पर 22,818 वोटों की बढ़त मिली थी। वहीं, 2024 में 15,042 वोटों की बढ़त मिली। ऐसे में 2021 में जीतने वाली बीजेपी 2026 में भी जीत हासिल करना चाहेगी। बिष्णुपुर सीट पर 1952 से चुनाव हो रहे हैं। शुरुआती पांच चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। हालांकि, इसके बाद 1977 से यह सीट सीपीआईएम का गढ़ बन गई। 2006 तक लगातार सात बार सीपीआईएम के उम्मीदवारों को इस सीट से जीत मिली। इसके बाद से यहां की राजनीति में मतदाताओं के फैसले पर दलबदल हावी रही है। 2011 में टीएमसी ने जीत हासिल की। वहीं, 2016 में कांग्रेस और 2021 में बीजेपी ने जीत हासिल की, लेकिन दोनों पार्टियों के विधायक टीएमसी में शामिल हो गए।