A
  1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. नंदीग्राम में 9,000 से ज्यादा वोटों से जीते भाजपा के शुभेंदु अधिकारी, भवानीपुर में क्या होगा? जानें

नंदीग्राम में 9,000 से ज्यादा वोटों से जीते भाजपा के शुभेंदु अधिकारी, भवानीपुर में क्या होगा? जानें

पश्चिम बंगाल में भाजपा बड़ी जीत की ओर अग्रसर है, वहीं तृणमूल कांग्रेस को बड़ी हार मिलती दिखाई दे रही है। इस बीच नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता शुभेंद् अधिकारी चुनाव जीत गए हैं। जानें भवानीपुर में क्या हुआ?

नंदीग्राम से जीते भाजपा के शुभेंदु- India TV Hindi
Image Source : PTI नंदीग्राम से जीते भाजपा के शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में 9,000+ वोटों से जीत दर्ज कर ली है,  इसके बाद सभी की निगाहें भवानीपुर पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता और पूर्व टीएमसी विधायक सुवेंदु अधिकारी से है। हालांकि भवानीपुर से ममता बनर्जी बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से आगे चल रही हैं।

भवानीपुर में हुआ था हाई वोल्टेज ड्रामा

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और नंदीग्राम एवं भाबनीपुर विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के मुख्य चुनाव एजेंट सूर्यनील दास का कहना है, "पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बिना पहचान पत्र के सिर्फ मोबाइल फोन लेकर मतगणना स्थल में दाखिल हुईं। चुनाव आयोग ने अनिवार्य किया है कि पहचान पत्र पर क्यूआर कोड होना चाहिए, जिसे मतगणना कक्ष में प्रवेश से पहले स्कैन किया जाना चाहिए। बिना पहचान पत्र के उन्हें अंदर कैसे जाने दिया गया? उन्हें फोन ले जाने की अनुमति कैसे मिली? जब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो जाती कि यह किसने किया, मतगणना नहीं होगी। बंगाल पुलिस अपनी जिम्मेदारी भूल गई है... ममता बनर्जी नियमों का उल्लंघन कर रही हैं..."


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, जिन्होंने लगातार 15 वर्षों तक राज्य पर शासन किया, इस बार भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं। यह दक्षिण कोलकाता का वह निर्वाचन क्षेत्र है जो उनकी राजनीतिक पहचान बन चुका है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी खड़े हैं, जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम में ममता को करारी शिकस्त दी थी। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी अन्य क्षेत्रों में अपनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं भाजपा ने कोलकाता की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए उन पर भारी निवेश किया है, जो पार्टी को लंबे समय से नहीं मिल पा रही है।