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Hindi News पश्चिम बंगाल BSF ने बॉर्डर पर बिल्ली को तस्करों से बचाया, आखिर इतना खास क्या है इस कैट में?

BSF ने बॉर्डर पर बिल्ली को तस्करों से बचाया, आखिर इतना खास क्या है इस कैट में?

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF ने तस्करी की कोशिश नाकाम की और एक दुर्लभ अफ्रीकन सर्वल कैट को बचाया। तस्कर मौका पाकर झाड़ियों में भाग निकले थे।

African Serval Cat smuggling, India Bangladesh border- India TV Hindi Image Source : PTI FILE BSF ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर एक सर्वल कैट को बचाया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल यानी कि BSF ने तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। BSF के साउथ बंगाल फ्रंटियर की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि इस दौरान जवानों ने एक दुर्लभ जंगली बिल्ली को बचा लिया। जब जवानों को बिल्ली मिली तो वह लकड़ी के एक डिब्बे में बंद थी। बताया जा रहा है कि बचाई गई बिल्ली अफ्रीकन सर्वल कैट है जो अपनी तेजी के लिए जानी जाती है।

22 अगस्त की सुबह तड़के हुई घटना

बयान के मुताबिक, यह घटना 22 अगस्त की सुबह तड़के हुई। बीएसएफ की 56वीं बटालियन, जो नटना फॉरवर्ड बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात थी, ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 5-6 संदिग्ध तस्करों की हलचल देखी। जवानों ने तुरंत तस्करों को ललकारा और उनकी ओर बढ़े। बीएसएफ को देखते ही तस्कर घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर बांग्लादेश की ओर भाग गए। जवानों ने इलाके की तलाशी ली तो उन्हें एक लकड़ी का डिब्बा मिला, जिसमें एक दुर्लभ जंगली बिल्ली जिंदा थी।

Image Source : PTI Fileअफ्रीकन सर्वल कैट की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये होती है।

BSF ने बिल्ली को वन विभाग को सौंपा

माना जा रहा है कि यह अफ्रीकन सर्वल कैट है, जो अफ्रीका की मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है। इस प्रजाति की तस्करी अवैध पालतू जानवरों के व्यापार के लिए की जाती है। BSF ने इस बिल्ली को वन विभाग को सौंप दिया है, ताकि इसकी सही प्रजाति की पहचान और आगे की कार्रवाई हो सके। साउथ बंगाल फ्रंटियर ने कहा, 'हमारे जवानों की सतर्कता और समय पर कार्रवाई ने वन्यजीव तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया।'

क्या है अफ्रीकन सर्वल कैट की खासियत?

अफ्रीकन सर्वल कैट अफ्रीका की एक खास जंगली बिल्ली है, जो अपनी सुंदरता और तेजी के लिए जानी जाती है। सर्वल कैट की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3 हजार डॉलर (2.5 लाख रुपये) से लेकर 10 हजार डॉलर (8.5 लाख रुपये) तक होती है। अवैध पालतू जानवरों के व्यापार में इसकी मांग बढ़ने की वजह से इसे तस्करी का शिकार बनाया जाता है।