Calcutta High Court Fine West Bengal: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जुर्माना लगाया है। ये कार्यवाही संतोषजनक जवाब ना मिलने और भारत-बांग्लादेश सीमा को सील करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के खातिर उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी देने वाले हलफनामा के दाखिल न करने पर हुई है। इसकी आखिरी तारीख 31 मार्च, 2026 थी। जानें पूरा मामला।
ममता बनर्जी सरकार पर 25 हजार का जुर्माना
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कानून एवं कानून प्रवर्तन विभाग के संयुक्त निदेशक पर हलफनामे की जगह संक्षेप में रिपोर्ट पेश करने के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे 15 दिनों के अंदर स्टेट लीगर सर्विस को दाखिल करना होगा। पश्चिम बंगाल को 2 हफ्ते के भीतर नया विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
दो हफ्ते में दाखिल करना होगा हलफनामा
हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को फटकार लगाते हुए साफ किया कि सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हाईकोर्ट ने ममता सरकार को दो हफ्ते के भीतर नया और विस्तृत हलफनामा देने का निर्देश दिया है, जिसमें उसे यह साफ तौर पर बताना होगा कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर को प्रभावी ढंग से सील करने के लिए क्या स्टेप उठाए गए और भूमि उपलब्ध कराने का प्रोसेस कहां तक पहुंचा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि यह मामला National Security से जुड़ा होने की वजह से बेहद अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से यह संकेत मिल रहा है कि बॉर्डर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। लेकिन अब नजरें इस बात पर हैं कि पश्चिम बंगाल सरकार तय समय सीमा के अंदर कोर्ट के निर्देशों का पालन करती है या नहीं।
जान लें कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश की सीमा की कुल लंबाई 2216.7 किलोमीटर है। यह बाड़बंदी को लेकर लंबे समय से काम चल रहा है। इसी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है।
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