नादियाः नादिया जिले में भी सुबह आठ बजे से काउंटिंग हो रही है। चकदह सीट के लिए भी मतगणना चल रही है। काउंटिंग के शुरुआती रुझानों को देखें तो पता चलता है कि बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर है। चुनाव आयोग की तरफ से मतगणना के ताजा रुझान समय-समय पर जारी किए जा रहे हैं। चुनाव के फाइनल नतीजे दोपहर या शाम तक आने की उम्मीद है। चकदह सीट से कुल 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से बीजेपी, कांग्रेस, टीएमसी, सीपीआई एम, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी, भारतीय न्याय-अधिकार रक्षा पार्टी चुनाव लड़ रही है। कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। सीपीआई एम से नारायण दास गुप्ता, बीजेपी के मौजूदा विधायक बंकिम चंद्र घोष, कांग्रेस के मलय साहा, टीएमसी के शुभंकर सिंघा (जीशु) यहां पर प्रमुख उम्मीदवार हैं। 2021 के चुनाव में बीजेपी को यहां से जीत मिली थी। इस बार भी बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। यहां पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।
चकदह सीट का चुनावी इतिहास
चकदह सीट 1957 में बनी थी और अब तक 17 विधानसभा चुनावों में वोटिंग हो चुकी है। यहां पर सबसे सफल पार्टी सीपीआई एम रही है, जिसको आठ बार जीत मिल चुकी है। 1977 और 2006 के बीच सीपीआई एम लगातार सात बार चुनाव जीत चुकी है। हालांकि अब सीपीआई एम का जनाधार कम हो गया है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) दोनों ने यह सीट दो-दो बार जीती है। बीजेपी ने पहली बार यहां से 2021 में जीत दर्ज की थी। बीजेपी उम्मीदवार बंकिम चंद्र घोष ने तृणमूल के शुभंकर सिंघा को 11,680 वोटों से हराया था। सीपीआई एम तीसरे नंबर पर थी। कुल मिलाकर यह इलाका बीजेपी और टीएमसी का गढ़ है। कांग्रेस और सीपीआई एम भी अपनी पुरानी ताकत वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं।