A
  1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. कांग्रेस नेताओं ने टीएमसी सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, खिदिरपुर मामले पर कहा- उन्हें शर्म आनी चाहिए

कांग्रेस नेताओं ने टीएमसी सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, खिदिरपुर मामले पर कहा- उन्हें शर्म आनी चाहिए

पश्चिम बंगाल के खिदिरपुर में बीते दिनों कई दुकानों में आग लग गई थी। इस कारण व्यापारियों द्वारा लगातार मुआवजे की मांग की जा रही है। लेकिन ममता बनर्जी द्वारा कहा जा रहा है कि अगर वो इलाका खाली करके कहीं और चले जाएंगे तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। इसे लेकर आज कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन निकाला।

Congress leaders protested against TMC government said on Khidirpur case they should be ashamed- India TV Hindi
Image Source : ANI कांग्रेस नेताओं ने टीएमसी के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के खिदिरपुर बाजार में 16 जून को लगी आग में कई दुकानें जलकर खाक हो गई थी। इस घटना को लेकर व्यापारियों द्वारा नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की जा रही है। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टीएमसी सरकार के खिलाफ आज विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "करीब 1300 दुकानें इस घटना में जल गईं। क्या सरकार सो रही है? राज्य सरकार से 5 लाख रुपए का मुआवजा, रीमॉडलिंग, बाजार का पुनर्गठन और अग्नि सुरक्षा की स्पष्ट मांग की गई थी।"

कांग्रेस नेता बोले- ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए

इसके अलावा कांग्रेस नेता आकिब गुलजार ने कहा, "अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी या इसके पीछे सरकार का हाथ है। जिन व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है, उन्हें कम से कम 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने उनसे कहा है कि जब वे दूसरी जगह चले जाएंगे, तो उन्हें 1 लाख 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए। मुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें लोगों की परेशानी समझ में नहीं आ रही है। दुकानों का पुनर्निर्माण नहीं किया जा रहा है। इसके बजाय, पूरे बाजार क्षेत्र को साफ किया जा रहा है और बहुमंजिला इमारत बनाने के लिए जमीन को भू-माफिया को सौंप दिया जा रहा है। हम ऐसा नहीं होने देंगे।"

तुलसी का पौधा लगाने को लेकर मचा बवाल

बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल के माहेशतला (दक्षिण 24 परगना) में 11 जून 2025 को तुलसी के पौधे को लेकर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। विवाद तब शुरू हुआ जब एक फल विक्रेता (अल्पसंख्यक समुदाय) ने अपनी दुकान की जगह पर तुलसी मंच बनाए जाने का विरोध किया। इससे दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ा, जिसके बाद भीड़ ने शिव मंदिर पर हमला किया, तुलसी पौधे को उखाड़ा, और दुकानों-घरों में तोड़फोड़ की। 60 से अधिक लोग, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, घायल हुए, और 40 लोग गिरफ्तार किए गए। इस मामले को लेकर भाजपा द्वारा लगातार टीएमसी पर और ममता बनर्जी पर निशाना साधा जा रहा है।