पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती चल रही है। फरक्का सीट के भी रुझान सामने आ रहे हैं। रुझानों में टीएमसी और बीजेपी के बीच टक्कर देखने को मिल रही है। फरक्का में 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। दोपहर या शाम तक चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। इस सीट पर बीजेपी, टीएमसी, कांग्रेस के अलावा कई अन्य पार्टियां और निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। पहले यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी। समय के साथ बदलाव को देखते हुए अब यहां की जनता के लिए टीएमसी और बीजेपी पसंद बन गई। 2021 के चुनाव में टीएमसी ने जीत दर्ज की और बीजेपी दूसरे नंबर पर थी। फरक्का सीट पर अब तक 18 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। कांग्रेस आठ बार जीत चुकी है, जबकि CPI(M) ने छह बार जीत दर्ज की है। यहां से कांग्रेस लगातार पांच बार चुनाव जीत चुकी है। फरक्का में 2016, 2011, 2006 , 2001 और 1996 में कांग्रेस तो 1991, 1987, 1982 और 1977 में सीपीआई एम ने लगातार चुनाव जीते।
फरक्का के उम्मीदवार
- अमीरुल इस्लाम (टीएमसी)
- सुनील चौधरी (भाजपा)
- मोताब शेख (कांग्रेस)
- मोजफ्फर हुसैन (सीपीआईएम)
- इम्तियाज अहमद मोल्ला (AJUN)
- तिलोत्तमा हलधर (बीएनएआरपी)
- अज़मेरुल एसके (आरएसईएमपी)
- नंदलाल घोष (निर्दलीय)
- अब्दुल कादर (निर्दलीय)
- आलोक कुमार मंडल (निर्दलीय)
- सुलेमान शेख (निर्दलीय)
- शशांक दास (निर्दलीय)
बता दें कि फरक्का निर्वाचन क्षेत्र एक सामान्य सीट है। पिछले चुनाव में टीएमसी के मनीरुल इस्लाम ने 59,945 वोटों के अंतर से यह सीट जीती थी। मनीरुल इस्लाम को 102,319 वोट मिले थे जो कुल वोटों का 54.89% था। उन्होंने BJP के घोष हेमंत को हराया था। बीजेपी को यहां पर 42,374 वोट (22.73%) मिले थे। 2016 के विधानसभा चुनावों में यह सीट कांग्रेस ने जीती थी। उस समय टीएमसी दूसरे नंबर पर थी।