Garbeta Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने शुरू हो चुके हैं। गारबेटा सीट पर शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। राज्य की अन्य सीटों पर भी असली मुकाबला इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच रहा है। गारबेटा में पिछले दो विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस जीते थे और इस बार ममता की पार्टी ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए हर दांव आजमाया है।
पश्चिम बंगाल में इस बार बंपर वोटिंग हुई है। बीजेपी और टीएमसी दोनों पार्टियां इसे अपनी जीत से जोड़कर देख रही हैं। बीजेपी का कहना है कि बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है। कई चुनावों में यह पैटर्न भी देखा गया है कि ज्यादा मतदान होने पर सत्ता परिवर्तन होता है। वहीं, टीएमसी ने दावा किया कि एसआईआर में वोट कटने से नाराज जनता ने बीजेपी के खिलाफ मतदान किया है।
किसके बीच मुकाबला?
गारबेटा में असली लड़ाई भाजपा के प्रदीप लोढ़ा और टीएमसी के उत्तरा सिंघा के बीच है। कांग्रेस के सिद्धार्थ बिशई और सीपीआईएम के तपन कुमार घोष भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उत्तरा सिंघा ने 2021 में भी यहां से जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के मदन रुइदास को हराया था। इस बार बीजेपी ने उम्मीदवार बदला है और जीत हासिल करने के लिए हर दांव आजमाया है।
गारबेटा का इतिहास
गारबेटा सीट पर पहला चुनाव 2011 में हुआ था। इस चुनाव में सीपीआईएम ने कांग्रेस को हराया था। हालांकि, इसके बाद दोनों पार्टियां अपनी जमीन खोती चली गईं। 2016 में टीएमसी के आशीष चक्रवर्ती ने सीपीआईएम के सरफराज खान को 61 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया। 2021 में टीएमसी ने जीत हासिल की, लेकिन दूसरे नंबर पर बीजेपी थी। बीजेपी उम्मीदवार 10 हजार वोट से पीछे थे। 2019 लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी को टीएमसी पर 6800 वोट की बढ़त मिली थी। वहीं, 2024 में टीएमसी ने बीजेपी पर 23000 वोट की बढ़त हासिल की।