कृष्णानगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अब तक के मतदान आंकड़ों से उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी को राज्य में शानदार जीत मिलेगी। सूबे के नदिया जिले के कृष्णानगर और बाद में मथुरापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पहले चरण में भारी मतदान के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मतदान 'परिवर्तन के लिए शानदार जनादेश' का संकेत है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले फेज में करीब 92 फीसदी वोटिंग हुई है।
'...तब-तब बीजेपी को निर्णायक जीत मिली है'
चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'निर्वाचन आयोग इस बात के लिए बधाई का पात्र है कि उसने चुनाव में हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं होने दी। बंगाल में पिछले 50 वर्षों के चुनावी इतिहास में यह पहली बार है कि हिंसा की घटनाएं न्यूनतम रहीं। मतदान के बारे में अब तक मुझे जो जानकारी मिली है, उससे मुझे पूरा विश्वास है कि यह बंगाल के मतदाताओं द्वारा बदलाव के पक्ष में एक शानदार जनादेश होगा।' प्रधानमंत्री ने देश के अन्य राज्यों के चुनाव आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि जब भी लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, तब-तब बीजेपी को निर्णायक जीत मिली है।
'झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को करारा झटका दिया'
पहले चरण में बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक औसतन लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुछ जगहों से छिटपुट हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,400 से अधिक कंपनियां तैनात की गई थीं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मतगणना के बाद 4 मई को बीजेपी की बंगाल इकाई विजयोत्सव मनाएगी, जिसमें लोगों को मिठाई के साथ-साथ 'झालमुड़ी' भी बांटी जाएगी। उन्होंने कहा, 'मैंने सुना है कि झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को करारा झटका दिया है। मैंने झालमुड़ी खाई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि तृणमूल नेताओं को मिर्ची लग रही है।'
'कुछ जिलों में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी तृणमूल'
पीएम मोदी ने मथुरापुर में राज्य में 'तृणमूल के सिंडिकेट' और 'आपराधिक और माफिया गठजोड़' का भी जिक्र किया और दावा किया कि पार्टी कुछ जिलों में एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि 4 मई को 'तृणमूल के सिंडिकेट' की एक्सपायरी डेट है।बता दें कि कृष्णानगर की रैली उस क्षेत्र में हुई थी जहां नामशूद्र मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी है। यहां मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर लोगों में नाराजगी की बात भी सामने आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद बांग्लादेश से आए 'उत्पीड़ित शरणार्थियों' को नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया, 'तृणमूल का नारा है 'घुसपैठियों के साथ, घुसपैठियों का विकास।'