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'वक्फ एक्ट पर फैसला हमारे पक्ष में नहीं आया तो पूरे भारत को ठप कर देंगे', धमकी देते इमाम का वीडियो शुभेंदु अधिकारी ने किया शेयर

वक्श संशोधन कानून को लेकर बंगाल के कुछ हिस्से जहां अशांत हैं वहीं इस मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है। इस बीच सुभेंदु अधिकारी ने एक वीडियो रिलीज किया है जिसमें एक इमाम धमकी देता नजर आ रहा है।

suvendu adhikari- India TV Hindi
Image Source : PTI शुभेंदु अधिकारी, बीजेपी नेता

कोलकाता:  वक्फ संशोधन कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज से सुनवाई शुरू होनेवाली है। इस बीच पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक मौलाना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस वीडियो में वह धमकी देता हुआ नजर आ रहा है।

'फैसला पक्ष में आएगा तो शांति से रहेंगे, नहीं तो सड़कें, गलियां जाम होंगी'

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के अखिल भारतीय इमाम संघ का जिला अध्यक्ष होने का दावा करनेवाले शख्स ने धमकी देते हुए कहा कि हम तारीख का इंतजार कर रहे हैं। अगर फैसला हमारे पक्ष में आता है, यानी कोर्ट अगर ये कहता है कि यह (वक्फ संशोधन अधिनियम) अमान्य है और इसे कानून नहीं माना जा सकता है, तो यह हमारे पक्ष में होगा और हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। हम शांति से रहेंगे। लेकिन अगर फैसला हमारे खिलाफ आता है, अगर वक्फ बोर्ड का कानून पहले की तरह नहीं रखा जाता है, अगर कानून में किसी भी तरह का बदलाव किया जाता है तो सड़कें और गलियां हमेशा जाम रहेंगी।

बंगाल ही नहीं पूरे देश को ठप करने की धमकी

इस वीडियो में मौलाना यह कहता नजर आ रहा है - हर जगह रेलवे को जाम किया जाएगा। हम सबसे पहले ट्रेनों को रोकेंगे। हम शहरों में ऐसा नहीं करेंगे; हम इसे गाँवों में करेंगे। हम कार, बाइक, ट्रेन और सड़कें रोकेंगे, सब कुछ रोक देंगे। हम सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को ठप कर देंगे।"

मौलाना के इस बयान को शेयर करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर लिखा-क्या यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के लिए खतरा है? यदि फैसला पक्ष में नहीं आता है, तो सड़कें और रेलवे लाइनें अवरुद्ध कर दी जाएंगी। वे न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे भारत को ठप कर देंगे!!!

अजीब बात यह है कि ऐसे लोग जो गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है। ममता बनर्जी ऐसे कट्टरपंथियों को गिरफ्तार करने के बजाय कल ऐसे 'नेताओं' के साथ वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ मंच साझा करने जा रही हैं, जो अब देश का कानून है।