कोलकाता: टीएमसी नेता जहांगीर खान अपने बयानों की वजह से पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहे थे लेकिन राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद जहांगीर खान के तेवर कुछ ठंडे पड़ते दिख रहे हैं। ताजा खबर ये है कि जहांगीर खान ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
जहांगीर खान का आरोप है कि उनके खिलाफ कई झूठी एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसलिए उन्होंने अदालत से सुरक्षा का अनुरोध किया है। वकील किशोर दत्ता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य का ध्यान इस मामले की ओर दिलाया और तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
फलता से टीएमसी उम्मीदवार हैं जहांगीर खान
जहांगीर खान फलता से टीएमसी के उम्मीदवार हैं। फलता वही सीट है, जहां चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, 21 मई को दोबारा चुनाव होंगे और नतीजे 24 मई 2026 को आएंगे। दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान जब आईपीएस अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, तब जहांगीर खान की बयानबाजी सुर्खियों में थी।
दरअसल जहांगीर खान ने चुनाव के दौरान एक फिल्मी डायलॉग भी मारा था और कहा था, "पुष्पा झुकेगा नहीं।" अपने इस बयान के बाद जहांगीर खान काफी वायरल हुए थे।
इसके बाद हालही में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भी जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए कहा था कि पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है। यानी उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके मामले को वह खुद हैंडल करेंगे।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 207 सीटें मिली थीं और टीएमसी को महज 80 सीटें ही हासिल हुई थीं। ऐसे में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और टीएमसी को विपक्ष में बैठना पड़ा। बीजेपी की सरकार बनने के बाद टीएमसी नेताओं में कहीं न कहीं इस बात का डर है कि उनके अवैध काम जनता के सामने आ जाएंगे।