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Hindi News पश्चिम बंगाल Kolakata Law Student Gangrape Case: 'पहले दिया इनहेलर और फिर किया दुष्कर्म', कोर्ट में वकील का खुलासा

Kolakata Law Student Gangrape Case: 'पहले दिया इनहेलर और फिर किया दुष्कर्म', कोर्ट में वकील का खुलासा

कोलकाता में लॉ स्टूडेंट से गैंगरेप मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि आरोपियों का पीड़िता को ज्यादा प्रताड़ित करने का इरादा था, इसीलिए उसे ठीक करने के लिए इनहेलर दिया गया।

कोलकाता गैंगरेप केस का आरोपी- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO कोलकाता गैंगरेप केस का आरोपी

साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में लॉ की छात्रा से हुए दुष्कर्म मामले में हुई सुनवाई में वकील ने कोर्ट में बताया कि दुष्कर्म से पहले पीड़िता को इनहेलर देने का उद्देश्य उसे राहत पहुंचाना नहीं था बल्कि उसकी सांस सही से चले और उसे  अधिक प्रताड़ित करना था! यह सनसनीखेज दावा सरकारी वकील सौरिन घोषाल ने मंगलवार को कसबा मामले की सुनवाई के दौरान अलीपुर कोर्ट में किया। दूसरे शब्दों में यह घटना इस बात का सबूत है कि मनोजित मिश्रा और उसके चेले पीड़िता को यातना देने के लिए कितने बेताब और क्रूर थे, उसका पता चलता है।

पीड़िता को हद से ज्यादा प्रताड़ित किया गया

गिरफ्तार किए गए लोगों को पुलिस हिरासत का पहला चरण पूरा करने के बाद आज अलीपुर कोर्ट में पेश होना था। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया जा सका। कोर्ट में सवाल-जवाब के दौरान सरकारी वकील ने दावा किया कि पीड़िता को कुछ हद तक ठीक करने के बाद उसे और अधिक प्रताड़ित करने के इरादे से इनहेलर खरीदा गया था। "जब पीड़िता को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, तो उसे इनहेलर दिया गया और फिर से प्रताड़ित किया गया।"

वकील ने कहा कि, "मेडिकल साक्ष्य ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पर्यावरण साक्ष्य भी पीड़िता के बयान से मेल खा रहे हैं। अभी और भी बहुत कुछ जानना बाकी है। इसलिए 10 तारीख तक पुलिस हिरासत की जरूरत है।"

आठ जुलाई तक हिरासत में रहेंगे आरोपी

सभी पक्षों के बयान सुनने के बाद कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी मनोजित मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी को 8 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी को 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। सुरक्षा गार्ड की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि सुरक्षा गार्ड इस घटना में शामिल नहीं था। वह कम वेतन पाने वाले कर्मचारी से ज्यादा कुछ नहीं है। इसपर, पीड़िता के वकील ने कहा, "हमने कहा कि उसने खुद ही गेट बंद किया था। इसलिए वह भी इस अपराध में शामिल है। उसे किसी भी तरह से जमानत नहीं दी जानी चाहिए। वह भी साजिशकर्ताओं में से एक है।"