मालदा: पश्चिम बंगाल में मालदा जिले के मोथाबारी मामले में जांच कर रही NIA ने बड़ा एक्शन लेते हुए पहली गिरफ्तारी करने में कामयाबी पा ली है। सूत्रों के मुताबिक, NIA ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी ISF के पंचायत सदस्य गोलाम रब्बानी को पकड़ा है। इस गिरफ्तारी के बाद केस ने एक बार फिर तूल पकड़ा है और सियासी हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है।
NIA की एंट्री के बाद तेज हुई पड़ताल
दरअसल, NIA इस केस में उन 7 न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से रोककर रखने और उन पर हुए अटैक की गंभीरता से जांच कर रही है। यह घटना सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न उठे थे। लेकिन अब NIA की एंट्री के बाद इन्वेस्टिगेशन और तेज हो गई है। एजेंसी इस मामले के हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
मोथाबारी मामले में NIA ने की पहली गिरफ्तारी
इससे पहले इस मामले में लोकल पुलिस और CID ने संयुक्त तौर पर कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, NIA की तरफ से की गई यह पहली गिरफ्तारी है, जिससे इशारा मिलता है कि NIA अब मामले को और गहराई से खंगाल रही है। आरोपियों का पता लगा रही है।
साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी कर रही है जांच
सूत्रों के मुताबिक, आगामी दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। NIA, कॉल डिटेल्स, डिजिटल साक्ष्यों और मौके पर उपस्थित लोगों से पूछताछ के आधार पर अपना एक्शन आगे बढ़ा रही है। इस पूरी घटना ने मालदा सहित पूरे पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।
पड़ताल में हो सकते हैं बड़े खुलासे
अब सभी की नजर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA की अगले एक्शन पर टिकी हुई है, जिससे इस संवेदनशील केस में और बड़े खुलासे होने की आशा जताई जा रही है।
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