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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: रायगंज में TMC-BJP की जंग, क्या इस बार पलटेगा चुनावी समीकरण?

Raiganj Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की रायगंज विधानसभा सीट पर दशकों तक कांग्रेस अजेय रही। अब यह तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच वर्चस्व की लड़ाई का केंद्र बन गया है।

रायगंज विधानसभा चुनाव- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV रायगंज विधानसभा चुनाव

Raiganj Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अभी से सभी सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने की हरसंभव कोशिश में जुट गई हैं। राज्य की 294 सीटों में से एक रायगंज विधानसभा है। इस सीट पर दशकों तक कांग्रेस अजेय रही। हालांकि, 2016 के बाद से यहां के राजनीतिक समीकरण बदले और अब यह तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच वर्चस्व की लड़ाई का केंद्र बन गया है।

रायगंज विधानसभा सीट (संख्या-35) पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के अंतर्गत आती है। यह सीट न केवल इस जिले का हिस्सा है, बल्कि रायगंज शहर उत्तर दिनाजपुर जिले का जिला मुख्यालय भी है। प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से यह विधानसभा क्षेत्र रायगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अधीन आता है। रायगंज लोकसभा क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा खंड शामिल हैं और रायगंज विधानसभा उनमें से एक है।

2021 चुनाव के नतीजे

2021 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। बीजेपी की ओर से कृष्णा कल्याणी मैदान में थे, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कन्हैया लाल अग्रवाल को 20,748 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में कृष्णा कल्याणी को कुल 79,775 वोट मिले थे, जबकि टीएमसी उम्मीदवार को 59,027 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस के कद्दावर नेता मोहित सेनगुप्ता 35,774 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि, जीत के कुछ ही समय बाद कृष्णा कल्याणी ने पाला बदल लिया और बीजेपी छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गए।

2024 में हुए उपचुनाव

इसके बाद जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में समीकरण पूरी तरह बदल गए। कृष्णा कल्याणी ने इस बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर चुनाव लड़ा और उन्होंने अपनी पिछली जीत से भी कहीं बड़ी बढ़त हासिल की। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार मानस कुमार घोष को 50,077 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। इस उपचुनाव में टीएमसी को 86,479 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार मात्र 36,402 वोटों पर सिमट गया। कांग्रेस-वामपंथी गठबंधन की ओर से मोहित सेनगुप्ता को 23,116 वोट मिले। यह नतीजा इसलिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि महज तीन साल के भीतर बीजेपी का बड़ा वोट बैंक टीएमसी की ओर खिसक गया और रायगंज विधानसभा पर ममता बनर्जी की पार्टी ने अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया।