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Hindi News पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: TMC नेता अभिषेक बनर्जी से आज ED करेगी पूछताछ, पत्नी को भी किया गया है तलब

शिक्षक भर्ती घोटाला: TMC नेता अभिषेक बनर्जी से आज ED करेगी पूछताछ, पत्नी को भी किया गया है तलब

ED आज टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करेगी। अभिषेक बनर्जी पर शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में अनियमितताओं का आरोप है। अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा से 11 अक्टूबर को पूछताछ होगी।

अभिषेक बनर्जी - India TV Hindi Image Source : PTI अभिषेक बनर्जी

पश्चिम बंगाल: प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज यानी सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करेगा। अभिषेक बनर्जी पर शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में अनियमितताओं का आरोप लगा है, जिसकी जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए उन्हें ईडी के अधिकारियों के समक्ष पेश होना है। ईडी के अधिकारी ने बताया है कि जांच एजेंसी ने अभिषेक की पत्नी रुजिरा को भी 11 अक्टूबर को पूछताछ के लिए तलब किया है। 

अभिषेक की पत्नी से भी होगी पूछताछ

अधिकारी ने बताया, "हमारे अधिकारी स्कूल भर्ती घोटाला मामले में 9 अक्टूबर को अभिषेक से और 11 अक्टूबर को उनकी पत्नी रुजिरा से पूछताछ करेंगे। दोनों से यहां हमारे सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।" इससे पहले ईडी ने टीएमसी नेता के माता-पिता अमित और लता बनर्जी को इसी मामले में इस सप्ताह उसके अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया था। ईडी ने डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक को 3 अक्टूबर को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। 

मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री भी हैं आरोपी

इससे पहले ईडी ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को आरोपी बनाया था। पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट्स से ईडी को 50 करोड़ की नकदी मिली थी। पूछताछ में अर्पिता ने बताया था कि ये पैसे पार्थ के हैं। हालांकि, पूर्व मंत्री ने भी इन पैसों के मालिक होने से मना कर दिया था।

TMC ने बताया अभिषेक फोबिया

टीएमसी ने ईडी के समन को "अभिषेक फोबिया" और "बदले की राजनीति" करार दिया। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "हमारे प्रदर्शन कार्यक्रम को रोकने के मकसद से प्रदर्शन से पहले अभिषेक बनर्जी को समन भेजा गया था। सारे हथकंडे अपनाने के बाद प्रदर्शन रोकने में नाकाम रहने पर अब वे इस तरह की गंदी चालें चल रहे हैं। बनर्जी को तलब करना बदले की राजनीति और 'अभिषेक फोबिया' के उदाहरण के अलावा कुछ नहीं है।" 
- PTI इनपुट के साथ