कोलकाता: इस वक्त की बड़ी खबर पश्चिम बंगाल से सामने आ रही है। राज्य की फलता विधानसभा सीट पर टीएमसी के प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। जहांगीर खान ने कहा कि वह अपने फलता के लोगों के हित में वोटिंग से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं फलता का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फलता में शांति रहे और उसका विकास हो। हमारे CM शुभेंदु अधिकारी फलता के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं इस निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।" बता दें कि इस सीट को लेकर बीते दिनों काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था। हालांकि इस सीट पर अभी भी चुनावी शोर जारी है।
21 मई को दोबारा चुनाव
दरअसल, चुनाव के दौरान शिकायत मिली थी कि फलता विधानसभा सीट पर वोटर्स को टीएमसी के द्वारा धमकी दी जा रही है। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा, जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर चुनाव को ही रद्द कर दिया। चुनाव आयोग ने फलता में दोबारा चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। अब चुनाव आयोग के मुताबिक 21 मई को फलता में दोबारा मतदान होगा और 24 मई को यहां पर चुनाव के नतीजे सामने आएंगे। फिलहाल अब टीएमसी प्रत्याशी के चुनाव से हटने के बाद मुकाबला एकतरफा माना जा रहा है।
भाजपा की बनी सरकार
वहीं पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव की बात करें तो राज्य में चुनावी दंगल समाप्त हो गया है। यहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी बन गई है। इस चुनाव में ममता बनर्जी को पर्सनली बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। ममता बनर्जी को न सिर्फ अपनी सीट पर हार का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें अपनी सरकार से भी हाथ धोना पड़ा। न सिर्फ ममता बनर्जी बल्कि उनके 22 मंत्रियों को भी इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जो पूरी पार्टी के लिए एक शर्मनाक प्रदर्शन माना जा रहा है।
शुभेंदु बने पश्चिम बंगाल के सीएम
वहीं दूसरी तरफ यहां बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी ने भी शुभेंदु पर भरोसा जताया और उन्हें प्रदेश में सत्ता की कमान सौंप दी। शुभेंदु ने न सिर्फ दोनों सीटों पर जीत हासिल की, बल्कि एक सीट पर तो उन्होंने खुद ममता बनर्जी को धूल चटाई। पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी के सामने खुद ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही थीं, लेकिन यहां भी शुभेंदु ने ममता को हरा दिया। इससे पहले पिछली बार के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु ने ममता बनर्जी को बंगाल की नंदीग्राम सीट पर हराया था। ऐसे में ममता को बार-बार हराने वाले शुभेंदु को ही बीजेपी ने सीएम भी बनाया।
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