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TMC का दावा- 'बीजेपी ने खुद कराया शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला'

शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले में टीएमसी का हाथ होने से पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ये हमला खुद बीजेपी की तरफ से कराया गया था।

 शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला- India TV Hindi
Image Source : PTI शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला

कोलकाताः पश्चिम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सीनियर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिला पर हमला को लेकर भाजपा और टीएमसी के नेतओं के बीच जुबानी जंग जारी है। इस बीच टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने दावा किया है कि शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला बीजेपी ने खुद कराया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ही गाड़ी में तोड़फोड़ की है। कुणाल घोष ने कहा कि रही बात काले झंडे की वह इसलिए था कि बीजेपी बंगालियों के खिलाफ है। 21 जुलाई को जब कोलकाता में शहीद दिवस मनाया जा रहा था तब बीजेपी ने उत्तर बंगाल पर विरोध के सभा रखे थे। इसीलिए तृणमूल के तरफ से पलटवार में कार्यक्रम रखा जा रहा है।  

बीजेपी ने टीएमसी पर लगाया था हमले का आरोप

बता दें कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में मंगलवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कुछ लोगों ने पथराव किया। विपक्ष के नेता अधिकारी पर कूचबिहार में एक रैली का नेतृत्व करते समय हमला किया गया। शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के अन्य विधायक हाल के दिनों में पार्टी नेताओं पर हुए हमलों की रिपोर्ट पर एक प्रतिनिधिमंडल सौंपने के लिए कूचबिहार जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय जा रहे थे। इस दौरान उन्हें काले झंडे भी दिखाए गए और प्रदर्शनकारियों को "वापस जाओ" के नारे लगाते सुना गया। एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को काफिले में एक कार पर पत्थर फेंकते हुए भी देखा गया, जिससे उसकी खिड़की के शीशे टूट गए। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि यह हमला टीएमसी कार्यकर्ताओं ने किया था।

कल्याण बनर्जी को लेकर कही ये बात

कुणाल घोष ने कहा कि इससे पहले त्रिपुरा में जब अभिषेक बंदोपाध्याय के ऊपर हमला हुआ था तब क्या विरोध किया था? अभिषेक बनर्जी ने आज दिशा दिखाया है। कल्याण बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि वे पार्टी के कार्यकर्ता हैं। कल्याण बनर्जी बहुत सीनियर लीडर है। फिलहाल माहौल थोड़ा गर्म है। किसी के साथ अगर कोई बात नहीं जमती है तो वह पार्टी में कहना चाहिए और जब कोई महिला के बारे में कुछ कहा जाए तो शब्दों का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यह ममता बनर्जी की पार्टी है।