नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (ADR) की एक ताजा रिपोर्ट ने राज्य की राजनीतिक शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के लगभग आधे मौजूदा विधायक दागी छवि के हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के 47 प्रतिशत मौजूदा विधायक दागी हैं। जबकि 37 प्रतिशत विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।
136 मौजूदा विधायकों पर आपराधिक मुकदमे
चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। वोटों की गिनती चार मई को होगी। रिपोर्ट में 294 मौजूदा विधायकों में से 291 के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया। इसमें कहा गया कि 136 (47 प्रतिशत) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 109 (37 प्रतिशत) विधायकों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
आठ मौजूदा विधायकों पर मर्डर के मामले
एडीआर के अनुसार, कम से कम आठ मौजूदा विधायकों ने हत्या से संबंधित और 29 विधायकों ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि 22 विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित तथा एक विधायक ने बलात्कार से संबंधित मामले घोषित किए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के 223 विधायकों में से 92 (41 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि भाजपा के 64 विधायकों में से 42 (66 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
मौजूदा विधायकों की संपत्ति
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक 291 मौजूदा विधायकों की कुल संपत्ति 821.50 करोड़ रुपये है और प्रति मौजूदा विधायक की औसत संपत्ति 2.82 करोड़ रुपये है। रिपोर्ट में कहा गया कि 104 (36 प्रतिशत) विधायकों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा आठ और 12 के बीच घोषित की है, जबकि 182 (63 प्रतिशत) विधायकों ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है। इसमें कहा गया है कि लगभग 124 (43 प्रतिशत) विधायकों ने अपनी आयु 25 से 50 वर्ष के बीच घोषित की है, जबकि 167 (57 प्रतिशत) विधायकों ने अपनी आयु 51 से 70 वर्ष के बीच घोषित की है। विश्लेषण से संबंधित 291 विधायकों में से 45 (15 प्रतिशत) विधायक महिलाएं हैं।