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West Bengal Assembly Election 2026: चौरंगी सीट पर लहराएगा किसका परचम? जानें क्या हैं सियासी समीकरण

पश्चिम बंगाल की चौरंगी विधानसभा सीट कोलकाता की प्रमुख शहरी सीट मानी जाती है, जहां पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से TMC का दबदबा रहा है। पार्टी की नयना बंद्योपाध्याय ने इस सीट पर 2014 के उपचुनाव, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी।

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Image Source : INDIA TV पश्चिम बंगाल की चौरंगी विधानसभा सीट पर TMC का दबदबा रहा है।

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की चौरंगी विधानसभा सीट कोलकाता की सबसे प्रमुख और हाई-प्रोफाइल शहरी सीटों में शामिल है। यह सीट कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और यहां शहरी मध्यम वर्ग, कारोबारी समुदाय, अल्पसंख्यक मतदाता और पेशेवर वर्ग की निर्णायक भूमिका मानी जाती है। पिछले एक दशक से इस सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस यानी कि TMC का दबदबा रहा है। खासतौर पर नयना बंद्योपाध्याय ने लगातार 3 चुनावों में बड़ी जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।

2021 में क्या थे इस सीट के नतीजे?

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चौरंगी सीट से TMC उम्मीदवार नयना बंद्योपाध्याय ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उम्मीदवार को 45,344 वोटों के भारी अंतर से हराया था। आइए, देखते हैं उन चुनावों में किस पार्टी के प्रत्याशी को कितने वोट मिले थे:

2021 का चुनाव परिणाम

नयना बंद्योपाध्याय (TMC): 70,101 वोट (62.87%)
देवदत्त माजी (BJP): 24,757 वोट (22.20%)
संतोष पाठक (कांग्रेस): 14,266 वोट (12.80%)
NOTA: 1,212 वोट (1.09%)

2021 के विधानसभा चुनाव में चौरंगी सीट पर 53.61 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस सीट के नतीजों ने साफ कर दिया था कि शहरी कोलकाता में भी TMC की पकड़ बेहद मजबूत बनी हुई है।

2016 में दूसरे नंबर पर थी कांग्रेस

वहीं, 2016 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो चौरंगी सीट पर मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी रहा था। उस समय TMC की नयना बंद्योपाध्याय ने कांग्रेस के दिग्गज नेता सोमन मित्रा को हराया था।

2016 का चुनाव परिणाम

  1. नयना बंद्योपाध्याय (TMC): 55,119 वोट (47.29%)
  2. सोमन मित्रा (कांग्रेस): 41,903 वोट (36.95%)
  3. रितेश तिवारी (BJP): 15,707 वोट (13.48%)
  4. NOTA: 2,183 वोट (1.87%)

2014 के उपचुनावों में जीती थीं नयना

2014 में चौरंगी सीट पर उपचुनाव हुआ था। यह उपचुनाव तत्कालीन विधायक शिखा चौधरी (मित्रा) के TMC छोड़कर कांग्रेस में जाने के बाद कराया गया था।

2014 उपचुनाव के नतीजे

  1. नयना बंद्योपाध्याय (TMC): 38,328 वोट (40.14%)
  2. रितेश तिवारी (BJP): 23,984 वोट (25.12%)
  3. संतोष कुमार पाठक (कांग्रेस): 23,317 वोट (24.42%)
  4. फैयाज अहमद खान (CPI-M): 8,890 वोट (9.09%)

2011 में हुई थी TMC की ऐतिहासिक जीत

2011 के विधानसभा चुनाव में चौरंगी सीट पर TMC ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इसी चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे का लंबे समय के शासन का खत्मा हुआ था।

2011 विधानसभा चुनाव के नतीजे

  1. शिखा चौधरी मित्रा (TMC): 79,450 वोट (71.90%)
  2. बिमल सिंह (RJD): 21,711 वोट (19.65%)
  3. शहनवाज अहमद (BJP): 4,799 वोट (4.34%)

2026 के चुनावों में क्या होंगे निर्णायक फैक्टर?

2026 में पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिहाज से कोलकाता की चौरंगी सीट पर मुकाबला मुख्यतः तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच रहने की संभावना है, जबकि कांग्रेस वोटों के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। शहरी मध्यम वर्ग और व्यापारियों का रुझान निर्णायक रहेगा। अल्पसंख्यक मतदाताओं का वोट पैटर्न परिणाम को झुका सकता है। TMC सरकार के कामकाज पर जनता की राय और बीजेपी की शहरी सक्रियता भी चुनावी नतीजों को तय करने में अहम होगी। महिला तथा युवा मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी अंतिम नतीजे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कुल मिलाकर, 2026 के चुनावों में इस सीट पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।