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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी खबर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र ने तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन की

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र ने तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन कर ली। उनके इस कदम से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है।

Subhash Chandra Bose grandnephew Chandra Kumar Bose- India TV Hindi
Image Source : ANI नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र ने तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन की

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वंशज ने बड़ा कदम उठाया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। इसका वीडियो भी सामने आया है।

गौरतलब है कि चंद्र कुमार बोस पहले बीजेपी में थे लेकिन बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का हाथ थाम लिया। चंद्र कुमार बोस के इस कदम की सियासी दुनिया में काफी चर्चा हो रही है। देखना ये होगा कि चंद्र कुमार बोस के आने से टीएमसी को फायदा मिलता है या उनकी एंट्री बेअसर साबित होती है।

टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट कर दी बधाई

टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा, "आज श्री ब्रात्या बसु और श्री कीर्ति आजाद की उपस्थिति में, प्रख्यात सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र श्री चंद्र कुमार बोस तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल हुए।
हम श्री चंद्र कुमार बोस का हार्दिक स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि उनका व्यापक अनुभव बंगाल की जनता की निस्वार्थ सेवा के हमारे मिशन को समृद्ध करेगा।"

टीएमसी ज्वाइन करने पर क्या बोले चंद्र कुमार बोस?

चंद्र कुमार बोस ने कहा, "भाजपा संविधान के खिलाफ है क्योंकि उसका एकमात्र एजेंडा फूट डालो और राज करो की नीति है, वोट बैंक की राजनीति के लिए समुदायों को बांटना है। एक ऐसी नीति जिसका मेरे दादा शरत चंद्र बोस और उनके छोटे भाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पुरजोर विरोध किया था। मैं भाजपा की सोच को स्वीकार नहीं कर सकता। मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया और तुरंत किसी पार्टी में शामिल नहीं हुआ। मैंने पाया कि टीएनसी समावेशी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के काफी करीब है।"

उन्होंने कहा, "बंगाल में राज्य चुनाव हो रहे हैं। टीएमसी निश्चित रूप से विजयी होगी। टीएमसी पर राष्ट्र को एकजुट करने की कहीं अधिक बड़ी जिम्मेदारी है। सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को 'भारतीय' होने की अवधारणा को लागू करने के लिए एकजुट होना चाहिए; तभी हम जीवित रह पाएंगे। मैं ज्योतिषी नहीं हूं, लेकिन निश्चित रूप से ममता बनर्जी (भाबानीपुर से) विजयी होंगी।"

पश्चिम बंगाल में कब से हैं विधानसभा चुनाव?

पश्चिम बंगाल में 2 फेस में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले फेज में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी और दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। यहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, सीपीआईएम और कांग्रेस के बीच हो सकता है।