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पश्चिम बंगाल: नई पार्टी का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर ने 24 घंटे के अंदर प्रत्याशी बदला, सामने आई चौंकाने वाली वजह

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई पार्टी का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर ने 24 घंटे के भीतर ही अपनी कैंडिडेट को बदल दिया। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों की वजह से उन्होंने ये फैसला लिया।

Humayun Kabir- India TV Hindi
Image Source : REPORTOR INPUT/ANI हुमायूं कबीर ने 24 घंटे के भीतर ही अपनी कैंडिडेट को बदल दिया

मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी का ऐलान करने के बाद जिस कैंडिडेट का नाम अनाउंस किया था, उसे 24 घंटे के भीतर ही हटा दिया। कैंडिडेट की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने की वजह से हुमायूं ने अपना फैसला बदला।

क्या है पूरा मामला?

हुमायूं कबीर ने सोमवार को मुर्शिदाबाद में एक बड़े इवेंट में अपनी नई पॉलिटिकल पार्टी अनाउंस की थी। भरतपुर के MLA ने अपनी नई पार्टी का नाम "जनता उन्नयन पार्टी" रखा था। हुमायूं ने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले असेंबली इलेक्शन में लड़ेगी। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद कहा कि वह अपनी नई पार्टी के टिकट पर मुर्शिदाबाद के रेजिनगर और भरतपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही, हुमायूं कबीर ने कई और सीट पर भी कैंडिडेट के नाम पहले ही अनाउंस कर दिए थे। इनमें कोलकाता के बालीगंज सीट से निशा चटर्जी का नाम भी था।

हुमायूं ने सोमवार को भरे हुए स्टेज से 2026 के असेंबली इलेक्शन में बालीगंज सीट से निशा चटर्जी के नाम का अनाउंसमेंट किया। उस अनाउंसमेंट के तुरंत बाद, निशा चटर्जी की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इसीलिए हुमायूं ने अपना फैसला बदल दिया।

हुमायूं कबीर कौन हैं?

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की आधारशिला रखने के बाद हुमायूं कबीर काफी चर्चा में हैं। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित भी कर दिया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी "जनता उन्नयन पार्टी" बना ली है। जो आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। बता दें कि कांग्रेस, टीएमसी, भाजपा और फिर वापस टीएमसी में शामिल हुए हुमायूं कबीर कई बार दल बदल चुके हैं।

अपना दल बनाने के बाद वह ममता बनर्जी के खिलाफ हमलावर रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कई बार ममता बनर्जी को लेकर बयानबाजी की है।